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GPM News: आदिवासी कारीगर मेले में दिखी हाथों की कारीगरी, लकड़ी और लोहे पर उकेरी कलात्मक कृतियां
Tue, 25 Jul 2023 08:09 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 25 Jul 2023 08:09 PM IST
सार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में मंगलवार को जिला पंचायत डीआरडीए के नर्मदा सभाकक्ष में आदिवासी कारीगर मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में आदिवासी कारीगरों की हस्त निर्मित कारीगरी देखने को मिली। उन्होंने लकड़ी और लोहे पर कलात्मक कृतियां उकेरी थीं।
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आदिवासी कारीगर मेले में कलात्मक वस्तुएं देखते लोग।
- फोटो : संवाद
विस्तार
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में मंगलवार को जिला पंचायत डीआरडीए के नर्मदा सभाकक्ष में आदिवासी कारीगर मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में आदिवासी कारीगरों की हस्त निर्मित कारीगरी देखने को मिली। उन्होंने लकड़ी और लोहे पर कलात्मक कृतियां उकेरी थीं। इस उत्पादों के विक्रय और कला को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की संस्था ट्राईफैड की ओर से मेले का आयोजन किया गया। जिसके जरिए जनजातीय कारीगरों द्वारा उत्पादित उत्पादों को बढ़ावा दिया जा सके।
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तीनों विकासखंडों से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व सहायता समूहों के आदिवासी परिवारों ने अपनी कला के नमूनों का प्रदर्शन किया। मेले में बांस से निर्मित सामग्री, टोकनी, सूपा, मछली पड़कडने का यंत्र, पूजा सामग्री, महिलाओं के गले व कान की मिट्टी की बालियां, टॉप्स, फ्लॉवर डेकोरेशन आइटम, धान की ज्वैलरी जिसमें गले का हार, राखियां व अंगूठी आदि, छिन के पत्तों के आधुनिक सजावटी सामान, चटाई, मिट्टी के कलात्मक बर्तन, लौहे के औजार, नक्काशी की गई मूर्तियों की प्रदर्शनी लगाई गई।
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एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक डीएस सोनी ने बताया कि एनआरएलएम अंतर्गत गठित आदिवासी स्वसहायता समूहों के द्वारा निर्मित जिले की विशिष्ट पहचान दिलाने वाले उत्पादों को सूचीवद्ध कर ट्राईफैड के माध्यम से विभिन्न शहरों में विक्रय के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने आदिवासी कारीगरों को भी महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क रीपा में जगह देकर उत्पादों का निर्माण करने और ट्राईफेड संस्था से लिंक करने की बात कही।
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