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GPM: व्यवस्था सुधारना नायब तहसीलदार को पड़ा महंगा, निर्वाचन कार्यालय अटैच, कलेक्टर पर लगाया ये आरोप

Sun, 25 Feb 2024 05:43 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 25 Feb 2024 05:43 PM IST
सार

नायाब तहसीलदार ने आगे कहा कि सदमे के चलते उनकी मौत तक हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो इसके लिए कलेक्टर जिम्मेदार होगी। हालांकि इस मामले में अब तक किसी बड़े अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

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Improving system proved costly for Naib Tehsildar election office attached in Gaurela Pendra Marwahi
नायब तहसीलदार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले के गौरेला में पदस्थ नायाब तहसीलदार को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारना महंगा पड़ गया। उनके उच्च अधिकारी उल्टे उन्हें ही निर्वाचन कार्यालय में अटैच कर दिया है। अब नायाब तहसीलदार का वीडियो सामने आया है जिसमे वे खुद को आत्मग्लानि महसूस करने की बात कह रहे हैं। साथ ही वे कह रहे हैं कि सदमे से उनकी मौत तक हो सकती है। यदि सदमे से मेरी मौत हो जाती है तो इसकी जिम्मेदार कलेक्टर होंगी।

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दरअसल गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले के गौरेला में पदस्थ नायब तहसीलदार के रमेश कुमार के द्वारा एक वीडियो जारी किया गया है जिसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।नायाब तहसीलदार के रमेश कुमार उच्च अधिकारियों के दुर्व्यवहार और अधिकारियों के रवैए से उन्हें सदमा लगा है जिसके बाद से वे काफी दुखी है और आत्मग्लानि भी महसूस कर रहे हैं। दरअसल बात 22 जनवरी की है जिस दिन अयोध्या में राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम चल रहा है था और शासन ने उस दिन आधे दिन की शासकीय अवकाश की घोषणा की थी जिसके बाद दोपहर दो बजे के बाद गौरेला के नायाब तहसीलदार के रमेश कुमार अपने गौरेला स्थित कार्यालय पहुंचे जहां पर ताला लगा हुआ था और बाबू महिला कर्मचारी उमा उजुम वो कार्यालय नहीं पहुंची थी। 

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जिसके बाद नायाब तहसीलदार रमेश कुमार ने तत्काल मामले की सूचना अपने उच्च अधिकारी एसडीएम पेंड्रारोड को व्हाट्सएप पर जानकारी दी की रमेश कुमार का आरोप है कि कार्यालय में अवैध गतिविधियों संचालित हो रही है और उनके अधीनस्थ कर्मचारी मनमानी तरीके से काम करते हैं जिसके चलते आम जनता को भटकना पड़ता है। मैं जनता की सेवा करना चाहता हूं रमेश कुमार ने बतलाया कि कलेक्टर महोदय का कहना यह है तुम अपना ट्रांसफर करवा लो, रमेश कुमार पूर्व में आर्मी मैन थे और उनके साथ आलाअधिकारियों के द्वारा नियम विरुद्ध उन्हें जिला मुख्यालय संलग्न कर दिया गया है उन्होंने आरोप लगाया है की वे अधिकारियों की मानसिक प्रताड़ना से ग्रसित हैं। 

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नायाब तहसीलदार ने आगे कहा कि सदमे के चलते उनकी मौत तक हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो इसके लिए कलेक्टर जिम्मेदार होगी। हालांकि इस मामले में अब तक किसी बड़े अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

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