Gaurela Pendra Marwahi: सड़कों पर उतरे गुरुकुल के सैकड़ों छात्र, कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव; जमकर नारेबाजी
गुरुकुल के आदिवासी छात्रों का आज प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फूट गया। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सन 1979 से लगभग 100 एकड़ भूमि पर संचालित गुरुकुल विद्यालय में जिला बनने के बाद गुरुकुल आदिवासी विद्यालय के विभिन्न भवनों को प्रशासनिक भवन के रूप में संचालित करने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने के बाद आज गुरुकुल का विद्यालय भवन भी गुरुकुल के आदिवासी छात्रों से ले लिया गया। जिसके विरोध में गुरुकुल के सैकड़ों छात्रों का गुस्सा फूटा। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला मुख्यालय गुरुकुल से स्थानांतरित करने की मांग मरवाही के व्यापारी संघ ने भी की है। हालांकि, दोनों में से किसी ने से भी कलेक्टर ने मुलाकात नहीं की है।
जिला बनने के बाद जिला मुख्यालय के भवन को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन द्वारा जिला मुख्यालय के लिए गुरुकुल परिसर का चयन करने के बाद आज गुरुकुल विद्यालय भी चुनाव कार्य के लिए छात्रों से खाली करा लिया गया। पहले गुरुकुल का प्रशासनिक भवन में कलेक्टर कार्यालय संचालित करने और चुनाव संचालन के लिए विद्यालय भवन खाली कराने के बाद गुरुकुल में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्रों को अध्यापन की समस्या होने लग गई।
छात्रों को उनके लगभग 100 एकड़ के गुरुकुल परिसर से लगभग 4 किलोमीटर दूर आईटीआई भवन में चार कमरे दिए गए हैं। जिनमें उनकी कक्षाएं संचालित होंगी। छात्रों की मांग है कि प्रशासन उनका गुरुकुल परिसर खाली करें। वहीं स्कूल के प्रिंसिपल भी कह रहे हैं कि लगभग 300 बच्चों को यहां पढ़ाना काफी कठिन काम है। इससे बच्चों के भविष्य पर असर पड़ेगा।
छात्रों का कहना है कि जिला गठन के बाद से पूरा गुरुकुल परिषद किन ही कारणों से शासन प्रशासन द्वारा अधिकृत किया गया है। कभी कलेक्टर भवन संचालन के लिए तो कभी अन्य क्रियाकलापों के लिए और अब उनके परिसर के कई पेड़ काट दिए गए। इन सब क्रियाकलापों से उनकी अध्यापन व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। प्रशासन को हर हाल में उनका भवन खाली करना होगा। वहीं प्रशासन के लोग लगातार छात्रों को समझाने की कोशिश करते रहे। लेकिन छात्र गुरुकुल भवन प्रशासन से खाली कराने की जिद पर अड़े हुए हैं।
वहीं लगभग 2 घंटे तक जब छात्रों से कलेक्टर ने बात नहीं की न ही ज्ञापन लिया। जिसके बाद बच्चें सड़कों पर उतर गए। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद बच्चे कलेक्ट्रेट से पैदल निकलकर सीधे रानी दुर्गावती चौक पहुंचे। वहां पर गिरते पानी में चक्का जाम कर दिया और सड़कों पर बैठ गए। प्रशासन भी लगातार बच्चों को समझाइश देने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।