{"_id":"64bf60ab4fc361bd570268c4","slug":"children-are-being-made-to-work-in-the-hostel-resentment-among-family-members-2023-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"GPM: छात्रावास में बच्चों से कराया जा रहा है काम, बर्तन-कपड़े धोने से लेकर लगा रहे झाड़ू; परिजनों में नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
GPM: छात्रावास में बच्चों से कराया जा रहा है काम, बर्तन-कपड़े धोने से लेकर लगा रहे झाड़ू; परिजनों में नाराजगी
Tue, 25 Jul 2023 11:12 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 25 Jul 2023 11:12 AM IST
सार
पूरा मामला मरवाही ब्लॉक के सेमरदर्री कन्या छात्रवास का है। जहां कुछ छात्राओं को छात्रावास के बाहर पानी लाने को कहा जा रहा है। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है।
विज्ञापन
पानी ले जाते बच्चे
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
सरकार अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को बच्चों की पढ़ाई और उनके रहने के लिए लाखों रुपए का फंड देती है। बावजूद इसके छात्रावास द्वारा बच्चों से काम कराया जाता है। ऐसा ही एक मामला गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले से सामने आया है। जहां कुछ छात्राओं से काम कराया जा रहा है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार पूरा मामला मरवाही ब्लॉक के सेमरदर्री कन्या छात्रवास का है। जहां कुछ छात्राओं को छात्रावास के बाहर पानी लाने को कहा जा रहा है। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है। जिसमें देखा जा सकता हैं कि बच्चे कैसे छात्रावास के बाहर से कुछ छात्राएं पानी भरकर ले जा रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद छात्राओं के परिजनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। छात्रावास में बच्चों के साथ हो रहे शोषण पर सवाल उठता है कि बच्चें अपनी पढ़ाई करें या छात्रावास का काम। आपको बता दें कि छात्रावास में सफाई, बर्तन साफ करने, कपड़े धोने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। लेकिन छात्रावास में स्टाफ के नहीं रहने के कारण बच्चों को काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन