फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Gorella-Pendra-Marwahi News ›   66 electric poles were broken and fell down due to rain in GPM

बारिश ने खोली बिजली पोल की 'पोल': विभाग ने दो साल पहले ही लगाए थे, 66 टूटकर गिरे; अफसर बोले- गुणवत्ता जांचेंग

Fri, 09 Jun 2023 10:14 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Fri, 09 Jun 2023 10:14 PM IST
सार

विद्युत वितरण कंपनी के डिवीजनल इंजीनियर यूके सोनवानी का कहना है कि ज्यादातर पोल पेड़ गिरने की वजह से टूटे हैं। फिर भी मौके पर जाकर गुणवत्ता की जांच करूंगा। भू गुणवत्ता और जांच की जिम्मेदारी विद्युत वितरण कंपनी के सिविल डिपार्टमेंट की है। 

विज्ञापन
66 electric poles were broken and fell down due to rain in GPM
बारिश में टूटकर गिरे बिजली पोल। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में हुई बेमौसम बारिश ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के पोल की पोल खोल दी। विभाग की ओर से लगाए गए सीमेंट के खंभे बारिश और हवाओं के चलते टूटकर गिर गए। इसमें एक-दो नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में लगे 66 पोल  शामिल हैं। इसके चलते इलाकों में लाइल गुल है। खास बात यह है कि इन बिजली के खंभों को दो-तीन साल पहले ही लगाया गया था। ग्रामीण जहां इसमें भ्रष्टाचार की बात कह रहे हैं। वहीं अफसरों ने गुणवत्ता की जांच कराने की बात कही है। 

विज्ञापन


दरअसल, पिछले दिनों जिले में हुई बेमौसम बरसात के बाद 66 विद्युत पोल टूट गए। इसके कारण कई इलाकों में विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई। इसे फिर से सुचारू करने के लिए कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जो पोल टूटकर गिरे, उनमें अधिकतर सीमेंट के थे। इससे पहले भी काफी तेज हवाएं चलीं और तूफान आए, लेकिन पुराने खंभों को नुकसान नहीं हुआ। ऐसे में इस बार सीमेंट के खंभों के इस तरह गिरने पर उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि, उनके गांव में 20-20 वर्षों से लगे विद्युत पोल नहीं टूटे। जबकि पिछले दो-तीन वर्षों से में लगे खंभे हल्की आंधी बरसात में टूट जा रहे हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं विद्युत वितरण कंपनी के डिवीजनल इंजीनियर यूके सोनवानी का कहना है कि ज्यादातर पोल पेड़ गिरने की वजह से टूटे हैं। फिर भी मौके पर जाकर गुणवत्ता की जांच करूंगा। भू गुणवत्ता और जांच की जिम्मेदारी विद्युत वितरण कंपनी के सिविल डिपार्टमेंट की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed