{"_id":"6467211305b2187a3d0ba183","slug":"fraud-of-rs-4-5-lakh-in-the-name-of-getting-peon-job-in-bank-2023-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kawardha: बैंक में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े 4 लाख रुपए की ठगी, पीड़ितों ने एसपी से की न्याय मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kawardha: बैंक में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े 4 लाख रुपए की ठगी, पीड़ितों ने एसपी से की न्याय मांग
Fri, 19 May 2023 12:41 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, कवर्धा
अमर उजाला नेटवर्क, कवर्धा
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 19 May 2023 12:41 PM IST
सार
इस मामले को लेकर पीड़ितों ने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। मामला वर्ष 2021 का है।
विज्ञापन
Kawardha News
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। यह मामला पिपरिया थाना क्षेत्र का है। जहां नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लोगों से साढ़े चार लाख रुपए की ठगी हुई है।
विज्ञापन
इस मामले को लेकर पीड़ितों ने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। मामला वर्ष 2021 का है। एसपी ऑफिस पहुंचे पीड़ित लालजी पिता कार्तिकराम चंद्रवंशी निवासी झलमला, विनोद पिता मोहन चंद्रवंशी निवासी खपरी और अघनू पिता गंगाराम चंद्रवंशी ग्राम आंछी के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी जीवन पिता दुखू कामड़े निवासी राजनांदगांव और कन्हैया चंद्रवंशी निवासी रैतापारा (पंडरिया) ने उनके बेटों को एसबीआई में चपरासी की नौकरी लगाने का झांसा दिया। इसके लिए ठगों ने 1.50- 1.50 लाख की डिमांड की। भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने 50 रुपए के स्टाम्प पर लिखकर दिया था कि नौकरी नहीं लगने पर रकम लौटा देंगे।
विज्ञापन
झांसे में आकर पीड़ितों ने उन्हें कुल साढ़े 4 लाख रुपए दे दिया। लेकिन दो साल बाद भी न नौकरी लगी और न आरोपियों ने पैसा लौटाया। परेशान होकर एसपी से गुहार लगाई है। जिस समय नौकरी दिलाने के लिए उनसे रकम ली गई, तब आरोपियों ने भरोसा जीतने के लिए पीड़ितों को हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक दिया था। ताकि रकम न लौटाने की स्थिति में उसे बैंक से कैश करा सकें। पीड़ितों ने दो बार बैंक में चेक लगाया, तो बाउंस हो गया।