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Raipur News: जमीन सौदे में 11.51 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा, तीन आरोपी पुलिस गिरफ्त में
Sat, 17 Jan 2026 04:52 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 17 Jan 2026 04:52 PM IST
सार
राजधानी रायपुर में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर एक कारोबारी से 11 करोड़ 51 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। सरस्वती नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी रायपुर में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर एक कारोबारी से 11 करोड़ 51 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। सरस्वती नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित कारोबारी विकास कुमार गोयल हैं, जो संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और सरस्वती नगर क्षेत्र में निवास करते हैं। उन्होंने बलौदाबाजार जिले में औद्योगिक उपयोग के लिए जमीन खरीदने की मंशा से हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था। जांच में सामने आया है कि 15 अक्टूबर 2025 को कंपनी के निदेशकों और एक प्रॉपर्टी ब्रोकर ने विकास गोयल को सिमगा तहसील के ग्राम नेवधा में स्थित लगभग 22.347 हेक्टेयर भूमि दिखाई। आरोप है कि आरोपियों ने जमीन को पूरी तरह विवादमुक्त और कानूनी रूप से साफ बताते हुए सौदा तय कराया।
इस भरोसे पर संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ने अलग-अलग तिथियों में चेक और आरटीजीएस के जरिए कुल 11.51 करोड़ रुपये एडवांस के रूप में कंपनी के खाते में जमा कर दिए। बाद में जब कारोबारी ने जमीन की दस्तावेजी जांच कराई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि उक्त जमीन पहले से ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रखी गई है। यह मॉर्गेज ग्लोबल हाई-टेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड नामक सिस्टर कंसर्न द्वारा किया गया था। इतना ही नहीं, वर्ष 2019 में डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल ने बैंक को इस जमीन से बकाया वसूली का अधिकार भी दे रखा था।
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पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दिलाने या भुगतान की गई राशि लौटाने की मांग की, तो आरोपियों ने कोई सहयोग नहीं किया। नौ जनवरी 2026 को कंपनी को औपचारिक पत्र भेजे जाने के बावजूद न तो एनओसी उपलब्ध कराई गई और न ही रकम वापस की गई।
शिकायत के आधार पर सरस्वती नगर थाना पुलिस ने हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रमोटर, शेयर होल्डर और प्रॉपर्टी ब्रोकर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि इस मामले में नामजद अन्य नौ आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
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पुलिस के अनुसार, पीड़ित कारोबारी विकास कुमार गोयल हैं, जो संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और सरस्वती नगर क्षेत्र में निवास करते हैं। उन्होंने बलौदाबाजार जिले में औद्योगिक उपयोग के लिए जमीन खरीदने की मंशा से हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था। जांच में सामने आया है कि 15 अक्टूबर 2025 को कंपनी के निदेशकों और एक प्रॉपर्टी ब्रोकर ने विकास गोयल को सिमगा तहसील के ग्राम नेवधा में स्थित लगभग 22.347 हेक्टेयर भूमि दिखाई। आरोप है कि आरोपियों ने जमीन को पूरी तरह विवादमुक्त और कानूनी रूप से साफ बताते हुए सौदा तय कराया।
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इस भरोसे पर संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ने अलग-अलग तिथियों में चेक और आरटीजीएस के जरिए कुल 11.51 करोड़ रुपये एडवांस के रूप में कंपनी के खाते में जमा कर दिए। बाद में जब कारोबारी ने जमीन की दस्तावेजी जांच कराई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि उक्त जमीन पहले से ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रखी गई है। यह मॉर्गेज ग्लोबल हाई-टेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड नामक सिस्टर कंसर्न द्वारा किया गया था। इतना ही नहीं, वर्ष 2019 में डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल ने बैंक को इस जमीन से बकाया वसूली का अधिकार भी दे रखा था।
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पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दिलाने या भुगतान की गई राशि लौटाने की मांग की, तो आरोपियों ने कोई सहयोग नहीं किया। नौ जनवरी 2026 को कंपनी को औपचारिक पत्र भेजे जाने के बावजूद न तो एनओसी उपलब्ध कराई गई और न ही रकम वापस की गई।
शिकायत के आधार पर सरस्वती नगर थाना पुलिस ने हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर, प्रमोटर, शेयर होल्डर और प्रॉपर्टी ब्रोकर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि इस मामले में नामजद अन्य नौ आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।