फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Fraud in name of a person who died 16 years ago: Input tax credit of Rs 23.43 crore claimed, case registered

16 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जीवाड़ा: 23.43 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा ठोका, केस दर्ज

Sat, 19 Sep 2026 06:27 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sat, 19 Sep 2026 06:27 PM IST
सार

जीएसटी जांच में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मृत व्यक्ति के नाम पर किरायानामा, 141.74 करोड़ के कागजी कारोबार और 23.43 करोड़ की आईटीसी के दावे पर पुलिस ने केस दर्ज किया।

विज्ञापन
Fraud in name of a person who died 16 years ago: Input tax credit of Rs 23.43 crore claimed, case registered
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रायपुर जिले में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग की शिकायत पर पुलिस ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक अमन अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोपी ने 16 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी किरायानामा तैयार कराया था। इसके बाद, आरोपी ने अपनी कंपनी के कागजों में अलग-अलग फर्मों से 141.74 करोड़ रुपये का कारोबार दर्शा दिया। इस भारी-भरकम कागजी कारोबार के आधार पर कंपनी ने 23.43 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने का दावा ठोक दिया। विभाग की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


फर्जी दस्तावेज से बड़ा घोटाला
लाभांडी स्थित सिग्नेचर होम निवासी अमन अग्रवाल अगस्त्य इंटरप्राइजेस का संचालन करते हैं। जीएसटी विभाग की जांच में सामने आया कि कंपनी ने अलग-अलग फर्मों से सामान खरीदने के बिल दिखाए थे। कंपनी ने इन्हीं बिलों के आधार पर करोड़ों रुपये की आईटीसी का दावा किया था। विभागीय जांच के दौरान अधिकारियों को दस्तावेज में कई बड़ी गड़बड़ियां मिलीं। इनमें सबसे खास मामला किरायानामे का निकला। जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति के नाम पर परिसर का किरायानामा बनाया गया था, उसकी लगभग 16 साल पहले ही मौत हो चुकी थी। यानी कागजों में जिस व्यक्ति को जगह किराए पर देने वाला दर्शाया गया, वह उस समय जीवित ही नहीं था।
विज्ञापन


धरातल पर नहीं मिलीं फर्में
जीएसटी विभाग ने जिन कंपनियों और फर्मों के नाम से जारी बिलों की जांच की, उनका भौतिक सत्यापन भी कराया। विभागीय अधिकारियों ने संबंधित पतों पर स्वयं जाकर यह पता लगाने का प्रयास किया कि वहां वास्तव में कोई कंपनी चल रही है या नहीं। जांच-पड़ताल के दौरान कई फर्में पूरी तरह फर्जी और अस्तित्वहीन मिलीं। इसके साथ ही, कुछ लोगों ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस के साथ किसी भी तरह का कारोबार करने से साफ इन्कार कर दिया। इसके अलावा, कुछ लोगों ने कंपनी के साथ बैंक खातों के माध्यम से हुए लेन-देन को लेकर भी पूरी तरह इन्कार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस जांच में जुटी
जीएसटी विभाग के अधिकारियों को जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां और फर्जी बिल मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। अधिकारियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अमन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब फर्जीवाड़े से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज, बिल, बैंक खातों के विवरण और संबंधित फर्मों की जानकारी जुटाकर गहराई से पड़ताल कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed