CG:सरगुजा में हाथियों के हमले में चार लोगों की मौत, कोरबा में करंट लगने से हाथी की मौत के बाद 3 गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अलग-अलग घटनाओं में जंगली हाथियों के हमले में पिता-पुत्री समेत चार लोगों की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकरी के मुताबिक ये हाथी हमले पिछले दो दिनों में हुए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अलग-अलग घटनाओं में जंगली हाथियों के हमले में पिता-पुत्री समेत चार लोगों की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकरी के मुताबिक ये हाथी हमले पिछले दो दिनों में हुए हैं। उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में, पड़ोसी कोरबा जिले में एक बोरवेल चलाने के लिए तीन लोगों द्वारा अवैध रूप से बिछाए गए तार के संपर्क में आने से एक हाथी की करंट लगने से मौत हो गई। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार (30 जुलाई) को सरगुजा जिले के बकीला गाँव में एक हाथी ने सनमेत बाई नामक एक महिला को उसके घर में घुसकर हमला कर कुचल दिया। पति नेहरू कंवर मौके से भागने में सफल रहा।
एक अन्य घटना में, 30 जुलाई को लुंड्रा वन क्षेत्र के अंतर्गत बेवरा गाँव में एक जंगली हाथी ने 60 वर्षीय राम कोरवा और उनकी बेटी प्यारी (35) को उस समय मार डाला जब वे खेती के काम से घर लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि पिता-पुत्री ने भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उनका पीछा किया, उन्हें ज़मीन पर पटक दिया और कुचलकर मार डाला। हाथियों के हमले की तीसरी घटना गुरुवार सुबह लुंड्रा वन क्षेत्र से लगभग 65 किलोमीटर दूर सीतापुर वन क्षेत्र के अंतर्गत देवगढ़ गाँव में हुई और मृतक की पहचान मोहर साईं साईंराम के रूप में हुई। अधिकारी ने बताया कि 55 वर्षीय व्यक्ति अपने धान के खेत में गया था, तभी उसका सामना दो हाथियों से हुआ। उनमें से एक ने उस पर हमला किया और उसे कुचलकर मार डाला। अधिकारियों ने बताया कि कोरबा में, कुदमुरा वन क्षेत्र के अंतर्गत बैगमार जंगल में बिजली का करंट लगने से एक हाथी की मौत के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कोरबा वन प्रभाग के कार्यवाहक प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कुमार निशांत ने बताया कि 37 हाथियों का एक झुंड इलाके में घूम रहा था और गुरुवार रात बिजली के झटके लगने से उनमें से एक की मौत हो गई।
पूछताछ के दौरान, बैगामार निवासी कृष्ण राम राठिया, बाबूराम राठिया और टीकाराम राठिया ने वन अधिकारियों को बताया कि उन्होंने एक बोरवेल चलाने के लिए अवैध रूप से बिजली के तार बिछाए थे। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में मानव-हाथी संघर्ष पिछले एक दशक से राज्य प्रशासन के लिए चिंता का एक प्रमुख विषय रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यह समस्या मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में और फैल गई है। सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर और बलरामपुर जिले मानव-हाथी संघर्ष के गवाह रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में ही राज्य में हाथियों के हमलों में 320 से अधिक लोग मारे गए हैं।