{"_id":"60e7916a8ebc3ef9f84267fd","slug":"four-accused-arrested-for-smuggling-pangolin-in-chhattisgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: महासमुंद जिले में पैंगोलिन की तस्करी, 4 आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: महासमुंद जिले में पैंगोलिन की तस्करी, 4 आरोपी गिरफ्तार
Fri, 09 Jul 2021 05:29 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, महासमुंद।
एजेंसी, महासमुंद।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 09 Jul 2021 05:29 AM IST
सार
भारतीय पैंगोलिन एक लुप्तप्राय प्रजाति है और इसे सल्लू सांप भी कहते हैं। इसके शरीर पर केराटिन के बने शल्क (स्केल) का इस्तेमाल औषधीय प्रयोजनों के लिए होता है, जिसकी दक्षिण पूर्व एशिया में बहुत मांग है।
विज्ञापन
पैंगोलिन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने छिपकली की एक प्रजाति पैंगोलिन की तस्करी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
महासमुंद के पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने बृहस्पतिवार को इस बाबत जानकारी देते हुए कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के चंगुल से एक पैंगोलिन को बचा लिया गया है।
विज्ञापन
भारतीय पैंगोलिन एक लुप्तप्राय प्रजाति है और इसे सल्लू सांप भी कहते हैं। इसके शरीर पर केराटिन के बने शल्क (स्केल) का इस्तेमाल औषधीय प्रयोजनों के लिए होता है, जिसकी दक्षिण पूर्व एशिया में बहुत मांग है।
विज्ञापन
दिव्यांग ने कहा कि सूचना मिलने के बाद चारों आरोपियों को मंगलवार शाम खल्लारी थाना क्षेत्र के बोइर गांव चेक पोस्ट से उस समय पकड़ा गया, जब वे एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) से राज्य की राजधानी रायपुर जा रहे थे। इनके पास से एक पैंगोलिन को छुड़ा लिया गया है, जिसे इन्होंने खल्लारी क्षेत्र के जंगल से पकड़ा था। वे पैंगोलिन को बेचने के लिए रायपुर जा रहे थे।
आरोपियों की पहचान खल्लारी निवासी खोमन दीवान (40) और ओमप्रकाश थवैत (40) और रायपुर के दगेश्वर साहू (32) और रमेश मिश्रा के रूप में हुई है। इनके पास से एक एसयूवी और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। चारों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।