{"_id":"651e803026bf4a32fc0650a9","slug":"folk-song-competition-organized-at-kanger-valley-national-park-on-occasion-of-wildlife-week-jagdalpur-2023-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन्य जीव सप्ताह: लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन, एकल गायन में सोनुराम और महादेव नाग को मिला पहला स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन्य जीव सप्ताह: लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन, एकल गायन में सोनुराम और महादेव नाग को मिला पहला स्थान
Thu, 05 Oct 2023 03:06 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 05 Oct 2023 03:06 PM IST
सार
इस आयोजन के माध्यम से वनों और वन्यजीव के संरक्षण के लिए जागरुकता लाने में मदद मिलेगी। साथ ही बस्तर में प्रकृति और संस्कृति के इस अनोखे समागम को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रेरक और माध्यम साबित होगी।
विज्ञापन
लोकगीत प्रतियोगिता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वन्य जीव सप्ताह के अवसर पर विकास समितियों के सहयोग से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के ग्राम नेतानार में शहीद वीर गुण्डाधुर स्मारक स्थल में लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एकल और समूह गीत मिलाकर कुल 27 प्रदर्शन किए गए। एकल गायन में सोनुराम नाग और महादेव नाग प्रथम, भीमा मरकाम द्वितीय एवं नेहा और एलिना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
साथ ही समूह गायन में जगरनाथ एवं इनके साथियों ने प्रथम स्थान, मोगाय एवं साथियों ने द्वितीय स्थान और जयराम एवं साथियों ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समूह नृत्य में दियारू एवं साथियों ने प्रथम स्थान, बालसिंह एवं साथियों ने द्वितीय स्थान, देऊ एवं साथियों ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, वाद्य यंत्र में बैशाकू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में प्रख्यात लोकगायक लखेश्वर खुदराम, अबलेश कुमार और बादल अकादमी से योगेश कुमार और सचिन पन्ना इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक धम्मशील गनवीर ने बताया कि 'इस आयोजन के माध्यम से हमें वनों और वन्यजीव के संरक्षण के लिए जागरुकता लाने में मदद मिलेगी। साथ ही बस्तर में प्रकृति और संस्कृति के इस अनोखे समागम को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रेरक और माध्यम साबित होगी।' राष्ट्रीय उद्यान द्वारा लगातार इस प्रकार के आयोजन कर ग्रामीणों और वन विभाग की साझेदारी से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में 300 से अधिक लोग उपस्थित रहे, जिसमें नेतानार, कोंडापाल, नागलसर एवं मूंडागढ़ के सरपंच, ग्रामीण लोकगायक, ग्रामीण, युवोदय के स्वयंसेवक, वन मितान और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारी-कर्मचारी शमिल थे।