{"_id":"6692940d608a8798f7021cef","slug":"five-naxalites-including-one-with-a-reward-of-rs-5-lakh-surrendered-in-sukma-2024-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sukma: पांच लाख के इनामी समेत पांच नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सरकार की नीति से प्रभावित होकर उठाया कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sukma: पांच लाख के इनामी समेत पांच नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सरकार की नीति से प्रभावित होकर उठाया कदम
Sat, 13 Jul 2024 08:20 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा (छत्तीसगढ़)
अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा (छत्तीसगढ़)
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 13 Jul 2024 08:20 PM IST
सार
सुकमा में लगातार नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और छत्तीसगढ़ सरकार की नीति से प्रभावित होकर पांच लाख के इनामी नक्सली सहित पांच नक्सलियों ने सुकमा के नक्सल ऑपरेशन कार्यालय पहुंच पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
विज्ञापन
नक्सलियों ने किया सरेंडर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुकमा में लगातार नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और छत्तीसगढ़ सरकार की नीति से प्रभावित होकर पांच लाख के इनामी नक्सली सहित पांच नक्सलियों ने सुकमा के नक्सल ऑपरेशन कार्यालय पहुंच पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की पुष्टि करते हुए सुकमा एसपी किरण चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार ’’ योजना से प्रभावित तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय 02 महिला नक्सली सहित कुल 05 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया।
विज्ञापन
इनामी नक्सली सागर उर्फ दूधी कोसा को समर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में रेंज फिल्ड टीम डीआईजी ऑफिस कोंटा (आरएफटी) एवं 212, 217 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा, नक्सली मुचाकी कोसा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 223 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा एवं शेष नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल आसूचना शाखा तथा डीआरजी सुकमा का विशेष प्रयास रहा।
उपरोक्त सभी प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गो में स्पाईक लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध में नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाना आदि घटनाओं में शामिल रहे है।
गौरतलब है की आत्मा समर्पित नक्सलियों में 500000 के इनामी नक्सली सागर उर्फ दूधी कोसा पिता देवा निवासी दंतेशपुरम (गालीकोण्डा (ओड़िशा) एरिया कमेटी कमाण्डर ने भी पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण किया है । पुलिस ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि आत्मसमर्पित सागर वर्ष 2007 से 2008 तक ग्राम दंतेशपुरम बाल संघम सदस्य। वर्ष 2009 से 2010 तक ओड़िशा दलम दल सदस्य । वर्ष 2011 से 2015 तक कालीमेला एरिया कमेटी सदस्य/एसीएम। वर्ष 2016 से अब-तक गालीकोण्डा (ओड़िशा ) एरिया कमेटी कमाण्डर/एसीएम।
वर्ष 2011 में ओड़िशा अंतर्गत मलकानगिरी-बालीमेला मार्ग में जानीगुडा के पास पुलिस बोलेरो वाहन को आईईडी लगाकर विस्फोट करने की घटना । वर्ष 2012 में ओड़िशा अन्तर्गत मलकानगिरी - कोरापुट मार्ग में ग्राम मंतरी अम्मा के पास पुलिस ट्रक वाहन को आईईडी लगाकर विस्फोट करने की घटना । उक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराये जायेंगे।