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रायपुर में 'सीनियर सिटीजन कार्ड'के नाम पर ठगी: ठगों ने वीडियो कॉल से डेबिट कार्ड-आधार दिखवाकर पांच लाख उड़ाए
Sat, 28 Feb 2026 04:16 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 28 Feb 2026 04:16 PM IST
सार
राजधानी रायपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। ठगों ने सीनियर सिटीजन कार्ड बनाने और उसकी लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 63 वर्षीय किसान गुलाम उसमान खान के बैंक खाते से लगभग पांच लाख रुपये निकाल लिए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी रायपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। ठगों ने सीनियर सिटीजन कार्ड बनाने और उसकी लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 63 वर्षीय किसान गुलाम उसमान खान के बैंक खाते से लगभग पांच लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित के मुताबिक 26 फरवरी की सुबह एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को सीनियर सिटीजन कार्ड हेड ऑफिस, कोलकाता का अधिकारी बताया और प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी। फाइल ओपन करते ही कुछ देर बाद वीडियो कॉल कर उनसे डेबिट कार्ड और आधार कार्ड दिखाने को कहा गया। पहले हिचकिचाहट के बाद ठग ने कार्ड को “सीनियर सिटीजन कार्ड से लिंक” करने का बहाना बनाया, जिसके झांसे में आकर उन्होंने कार्ड की जानकारी साझा कर दी।
शाम को एक और कॉल आया, जिसमें लिमिट एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने का लालच दिया गया और दूसरी एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई। इसके बाद मोबाइल पर लगातार ओटीपी और संदिग्ध लिंक के संदेश आने लगे। घबराकर पीड़ित ने फोन बंद कर दिया, लेकिन जब दोबारा चालू किया तो खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 4,99,751 रुपये निकल चुके थे।
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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अज्ञात स्रोत से आई एपीके फाइल डाउनलोड करना और वीडियो कॉल पर बैंकिंग दस्तावेज दिखाना बेहद जोखिम भरा है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसी किसी भी कॉल की तुरंत शिकायत करने की अपील की है।
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पीड़ित के मुताबिक 26 फरवरी की सुबह एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को सीनियर सिटीजन कार्ड हेड ऑफिस, कोलकाता का अधिकारी बताया और प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी। फाइल ओपन करते ही कुछ देर बाद वीडियो कॉल कर उनसे डेबिट कार्ड और आधार कार्ड दिखाने को कहा गया। पहले हिचकिचाहट के बाद ठग ने कार्ड को “सीनियर सिटीजन कार्ड से लिंक” करने का बहाना बनाया, जिसके झांसे में आकर उन्होंने कार्ड की जानकारी साझा कर दी।
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शाम को एक और कॉल आया, जिसमें लिमिट एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने का लालच दिया गया और दूसरी एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई। इसके बाद मोबाइल पर लगातार ओटीपी और संदिग्ध लिंक के संदेश आने लगे। घबराकर पीड़ित ने फोन बंद कर दिया, लेकिन जब दोबारा चालू किया तो खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 4,99,751 रुपये निकल चुके थे।
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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अज्ञात स्रोत से आई एपीके फाइल डाउनलोड करना और वीडियो कॉल पर बैंकिंग दस्तावेज दिखाना बेहद जोखिम भरा है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसी किसी भी कॉल की तुरंत शिकायत करने की अपील की है।