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छत्तीसगढ़: एक ही कमरे में पढ़ रहे पहली से पांचवीं तक के छात्र, टीचर भी सिर्फ एक
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Sat, 02 Dec 2017 03:07 PM IST
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महासमुंद जिले में चल रहा प्राथमिक स्कूल
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महासमुंद जिले के प्राथमिक विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा काफी खस्ताहाल है। पहली क्लास से लेकर 5वीं क्लास तक के बच्चे एक ही कमरे में पढ़ते हैं। राज्य में प्राथमिक शिक्षा पर सरकार को बजट बढ़ाने की कितनी जरूरत है ये इस खबर से पता चलता है।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला मुख्यालय से 22 किमी की दूरी पर स्थित खम्हरिया में के प्राथमिक स्कूल में पहुंचकर आप चौंक जाएंगे। यहां पहली से 5वीं क्लास तक के 67 बच्चे एक ही कमरे में बैठकर एक साथ पढ़ाई करते हैं। स्कूल में एक प्रधानपाठक और दो शिक्षाकर्मी हैं। राज्य में शिक्षाकर्मियों के आंदोलन के कारण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों ने स्कूल नहीं आने की वजह से प्रधानपाठक ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
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स्कूल में पढ़ाई कर रहे इन बच्चों के कमरे में तीन ब्लैकबोर्ड हैं। पहले ब्लैक बोर्ड पर 5वीं, दूसरे ब्लैक बोर्ड पर तीसरी और चौथी के बच्चों की पढ़ाई होती है। तीसरे ब्लैक बोर्ड पर पहली और दूसरी के बच्चों की एक साथ पढ़ाई कराई जा रही है। प्रधानपाठक के साथ स्कूल के 5वीं कक्षा के बच्चे भी अपने से निचली क्लास वाले बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
प्रधानपाठक मेम लाल बघेल के अनुसार शिक्षा विभाग को अतिरिक्त कमरों के लिए कई बार पत्र लिखे गए लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कान पर जूं तक नहीं रेंगती। वहीं आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों की मांग है कि शिक्षकों के खाली पदों में उनकी नौकरी नियमित की जाए। जिसके बारे में सरकार ने साफ मना कर दिया है।
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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला मुख्यालय से 22 किमी की दूरी पर स्थित खम्हरिया में के प्राथमिक स्कूल में पहुंचकर आप चौंक जाएंगे। यहां पहली से 5वीं क्लास तक के 67 बच्चे एक ही कमरे में बैठकर एक साथ पढ़ाई करते हैं। स्कूल में एक प्रधानपाठक और दो शिक्षाकर्मी हैं। राज्य में शिक्षाकर्मियों के आंदोलन के कारण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों ने स्कूल नहीं आने की वजह से प्रधानपाठक ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
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स्कूल में पढ़ाई कर रहे इन बच्चों के कमरे में तीन ब्लैकबोर्ड हैं। पहले ब्लैक बोर्ड पर 5वीं, दूसरे ब्लैक बोर्ड पर तीसरी और चौथी के बच्चों की पढ़ाई होती है। तीसरे ब्लैक बोर्ड पर पहली और दूसरी के बच्चों की एक साथ पढ़ाई कराई जा रही है। प्रधानपाठक के साथ स्कूल के 5वीं कक्षा के बच्चे भी अपने से निचली क्लास वाले बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
प्रधानपाठक मेम लाल बघेल के अनुसार शिक्षा विभाग को अतिरिक्त कमरों के लिए कई बार पत्र लिखे गए लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कान पर जूं तक नहीं रेंगती। वहीं आंदोलनरत शिक्षाकर्मियों की मांग है कि शिक्षकों के खाली पदों में उनकी नौकरी नियमित की जाए। जिसके बारे में सरकार ने साफ मना कर दिया है।