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Korea: बेटी को बचाने के लिए भालू से भिड़ा पिता, हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती, गए थे तेंदुपत्ता तोड़ने

Tue, 21 May 2024 01:45 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरिया (छत्तीसगढ़)
अमर उजाला नेटवर्क, कोरिया (छत्तीसगढ़) Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 21 May 2024 01:45 PM IST
सार

भालुओं के हमले से ग्रामीण संतलाल का दाया हाथ टूट गया और चेहरे पर भी भालुओं ने हमला किया है। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे बेहतर उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। 

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Father fought with a bear to save his daughter admitted to hospital in critical condition in Korea
बेटी को बचाने के लिए भालू से भिड़ा पिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आपने अब तक सुना होगा कि पिता के लिए बेटियां परी के सामान होती हैं। बेटियों की जान के लिए पिता किसी से भी लड़ सकता है। विकासखण्ड भरतपुर और वन मण्डल कोरिया के वनपरिक्षेत्र कोटाडोल के जंगल मे परिवार सहित तेंदूपत्ता तोड़ने गये ग्रामीण पर मादा भालू और उसके दो शावकों ने हमला कर दिया। भालुओं के हमले से ग्रामीण संतलाल का दाया हाथ टूट गया और चेहरे पर भी भालुओं ने हमला किया है। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे बेहतर उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। 

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ग्राम पंचायत कोटाडोल का रहने वाला संतलाल सिंह अपनी पत्नी कलावती सिंह और अपनी बेटी संजना सिंह के साथ जुर्ला नदी के पास तेंदुपत्ता तोड़ने गया हुआ था। जब वे लोग जंगल मे तेंदूपत्ता तोड़ रहे थे तभी अचानक मादा भालू अपने शावकों के साथ वहां पहुंच गयी। अचानक आमना सामना होने पर भालुओं ने संतलाल पर हमला कर दिया। बेटी संजना सिंह ने जब मौके पर हल्ला मचाया तो शावकों ने उस पर भी हमला करने की कोशिश की। अपनी बेटी पर हमला होता हुआ देख कर बीच बचाव करने उसका पिता भालू से भिड़ गया।  

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पत्नी कलावती और पुत्री संजना सिंह के द्वारा हल्ला करने पर भालू अपने शावकों के साथ वहां से भाग गई। पीड़ित की पत्नी और आसपास तेंदूपत्ता तोड़ रहे लोगों की मदद से घायल को गांव तक लाया गया और इसकी सूचना वन विभाग के आला अधिकारियों को दी गई। उनकी मदद से घायल को उपचार के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय शहडोल रेफर कर दिया गया हैं। वन विभाग को सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्राधिकारी के द्वारा तात्कालिक सहायता राशि के रूप में दो हजार रुपये दिया गया है।

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