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महंगा होने वाला है बस का सफर!: 1.75 रुपए प्रति किमी तक बढ़ सकता है किराया, 22 सितंबर से बस बंद करने की चेतावनी
Wed, 09 Sep 2026 04:55 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 09 Sep 2026 04:55 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में यात्री बसों से सफर करने वालों की जेब पर जल्द बड़ा असर पड़ सकता है। डीजल और बस संचालन की बढ़ती लागत के बीच राज्य सरकार बस किराया प्रति किलोमीटर 1.75 रुपये तक बढ़ाने की तैयारी में है।
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महंगा होने वाला है बस का सफर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार यात्री बसों का किराया प्रति किलोमीटर 1.75 रुपये तक बढ़ाने की तैयारी कर रही है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ की चेतावनी और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार यह कदम उठा रही है। राज्य सरकार से स्वीकृति मिलते ही परिवहन विभाग इसका आधिकारिक आदेश जारी कर देगा।
सूत्रों का दावा है कि परिवहन मंत्री केदार कश्यप और वित्त विभाग ने किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। विधि विभाग से औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद सरकार कैबिनेट बैठक में इसकी आधिकारिक घोषणा करेगी और इसे राजपत्र में प्रकाशित करेगी। राज्य में बस ऑपरेटरों की दो यूनियन काम कर रही हैं। इनमें से एक यूनियन ने मांग पूरी न होने पर 22 सितंबर से बसों का संचालन बंद करने की चेतावनी दी है। प्रदेश में 12 हजार से अधिक यात्री बसों का संचालन होता है और इस कारोबार से एक लाख से अधिक लोग जुड़े हैं।
बढ़ती लागत से परेशान बस ऑपरेटर
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनवर अली ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2018 के बाद से बस किराया नहीं बढ़ा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने केवल 25 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने की अनुमति दी थी। इस बीच, डीजल की कीमत 92 रुपये से बढ़कर 110 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसके अलावा ईरान युद्ध के बाद डीजल-ऑयल, ग्रीस, टायर-ट्यूब और अन्य सामान के दाम भी बढ़ गए हैं।
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बस ऑपरेटर एक सीट पर दोहरा कर चुकाने, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के दुरुपयोग और जीपीएस की बढ़ी कीमतों के कारण बस संचालन में काफी परेशानी झेल रहे हैं। पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा ने भी डीजल के दाम बढ़ने पर बस किराया दो रुपये तक बढ़ाया है।
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सूत्रों का दावा है कि परिवहन मंत्री केदार कश्यप और वित्त विभाग ने किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। विधि विभाग से औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद सरकार कैबिनेट बैठक में इसकी आधिकारिक घोषणा करेगी और इसे राजपत्र में प्रकाशित करेगी। राज्य में बस ऑपरेटरों की दो यूनियन काम कर रही हैं। इनमें से एक यूनियन ने मांग पूरी न होने पर 22 सितंबर से बसों का संचालन बंद करने की चेतावनी दी है। प्रदेश में 12 हजार से अधिक यात्री बसों का संचालन होता है और इस कारोबार से एक लाख से अधिक लोग जुड़े हैं।
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बढ़ती लागत से परेशान बस ऑपरेटर
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनवर अली ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2018 के बाद से बस किराया नहीं बढ़ा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने केवल 25 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने की अनुमति दी थी। इस बीच, डीजल की कीमत 92 रुपये से बढ़कर 110 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसके अलावा ईरान युद्ध के बाद डीजल-ऑयल, ग्रीस, टायर-ट्यूब और अन्य सामान के दाम भी बढ़ गए हैं।
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बस ऑपरेटर एक सीट पर दोहरा कर चुकाने, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के दुरुपयोग और जीपीएस की बढ़ी कीमतों के कारण बस संचालन में काफी परेशानी झेल रहे हैं। पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा ने भी डीजल के दाम बढ़ने पर बस किराया दो रुपये तक बढ़ाया है।