फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Family members carried the patient on their shoulders for 10 kilometers in Jagdalpur

ये कैसी व्यवस्था?: 10 किलोमीटर तक कंधे पर लादकर मरीज को ले गए परिजन, गांव में एंबुलेंस जाने का भी नहीं रास्ता

Thu, 10 Oct 2024 02:05 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: श्याम जी. Updated Thu, 10 Oct 2024 02:05 PM IST
सार

जगदलपुर जिले के एक गांव में एंबुलेंस पहुंचने का रास्ता नहीं था। ऐसे में मरीज को कंधे पर लादकर 10 किलोमीटर तक पैदल ले जाया गया। इसके बाद एंबुलेंस से उसे अस्पताल ले जाया गया।
 

विज्ञापन
Family members carried the patient on their shoulders for 10 kilometers in Jagdalpur
मरीज को कंधे पर लादकर एंबुलेंस तक ले गए परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर आये दिन नई-नई योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है, लेकिन जमीनी स्तर की बात करें तो आजादी के इतने वर्षों के बाद ग्रामीणों को आज तक लाइट के साथ ही सड़क के लिए भी तरसना पड़ रहा है। इन्हीं सब में अगर कोई ग्रामीण बीमार हो जाता है तो एंबुलेंस मिलना तक दूभर हो जाती है। ऐसे में परिवार के लोगों को कभी घाट, कभी झूला तो कभी अन्य माध्यमों से मरीजों को कई किमी का सफर तय करते हुए स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाया जाता है।

विज्ञापन


ऐसा ही एक मामला दरभा थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां मरीज को किसी भी प्रकार से कोई भी सुविधा नहीं मिलने के कारण उसे परिजनों के द्वारा बास में रस्सी बांधकर कंधे पर लादकर स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाया गया। इस फोटो ने फिर से स्वास्थ्य सुविधाओं के जमीनी स्तर को दिखाया है। बताया जा रहा है कि बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाला एलंगनार का इलाका आश्रित ग्राम कनकापाल के मालापारा तक सड़क नहीं होने से 10 किलोमीटर का लंबा सफर मरीज को कंधे में ढोकर चलने की मजबूरी दिखाता है।
विज्ञापन


गांव के लोगों को बिजली और पानी तो मिल जाता है, लेकिन एंबुलेंस के लिए कई किमी तक पैदल चलना पड़ता है। बात करें अगर सुविधा की तो खोटापदर गांव तक पहुंचने के बाद ही एंबुलेंस की सुविधा मिलने की बात कही जाती है। बताया जा रहा है कि उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित चैतू राम नाग को उसके परिजन कंधे पर लादकर ले गए। चैतू राम के साथ ही कनकापाल के ही पदरपारा में उल्टी- दस्त का एक और मरीज को भी इसी तरह से कंधे पर लादकर ले जाया गया।ग्रामीणों का कहना है कि दरभा से नजदीक पड़ने वाले तोंगपाल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीड़ितों को उपचार के लिए ले जाना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed