हाथी को सामने देख मां ने उछाल फेंका बेटा, खुद दे दी जान
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छत्तीसगढ़ में बेकाबू हुए हाथियों का कहर जारी है। राज्य के अंबिकापुर और कोरबा जिले में हाथियों ने दो आदिवासी महिलाओं को रौंदकर मार डाला। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार क्षेत्र में हाथियों ने लगातार कहर बरपाया हुआ है।
वहीं फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाथियों द्वारा मारे जा रहे लोगों की बढ़ती संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। हाथियों की लगातार खतरनाक होती गतिविधियों के बीच राज्य सरकार ने भी तेजी दिखानी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पीवीटी ग्रुप से संबंध रखने वाली 22 वर्षीय सुखमानिया कोरबा पर हाथी ने उस समय हमला बोल दिया जब वह अपने पति और दो साल के बच्चे के साथ साप्ताहिक बाजार से सामान खरीदने जा रही थी।
चार दिन में चार लोगों की जान ले चुके हैं हाथी
जब हाथी ने अचानक उस पर हमला बोला उसने अपने दो साल के बच्चे को दूसरी तरफ उछाल दिया। जिससे उसकी जान बच गई, लेकिन हाथी की चपेट में आई महिला की जान नहीं बच सकी। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हालांकि इस दौरान मासूम को थोड़ी चोट जरूर लगी।
वहीं दूसरी घटना में 65 वर्षीय जोल बाई को हाथी ने कुचल कर मार डाला। जानकारी के अनुसार कोरबा जिले के पीडिया गांव निवासी जोल बाई जब जंगल से साग सब्जियां लेने गई थी तभी हाथी ने उस पर हमला बोल दिया। जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बता दें कि पिछले चार दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में हाथियों के कहर के कारण ये चौथी मौत है। दो दिन पहले भी हाथियों ने कोरबा जिले में दो लोगों की जान ले ली थी।