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Chhattisgarh: जशपुर में फिर एक हाथी की मौत, करंट की चपेट में आया, एक महीने में तीसरी घटना
Wed, 28 Dec 2022 03:10 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Wed, 28 Dec 2022 03:10 PM IST
सार
वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) अशोक सिंह ने बताया कि चार हाथियों का दल सरगुजा जिले की सरहद के समीप खेत में विचरण कर रहा था। इस दौरान हाथी करंट की चपेट में आ गया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई है। खेत में सिंचाई के लिए बिजली का तार बिछाया गया था। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।
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करंट लगने से हाथी की मौत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में हाथियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार करंट लगने से हाथियों की मौत हो रही है। अब एक फिर मंगलवार रात जशपुर में करंट की चपेट में आकर एक नर हाथी की जान चली गई। एक माह में यह तीसरी घटना है। फिलहाल सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। मामला जशपुर वनमंडल परिक्षेत्र का है।
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जानकारी के मुताबिक, बगीचा वन परिक्षेत्र के कुरडेग में मंगलवार रात चार हाथियों का दल विचरण कर रहा था। गांव में एक किसान ने खेतों की सिंचाई के लिए तार लगाकर करंट प्रवाहित कर रखा था। इस दौरान एक नर हाथी की तार की चपेट में आने से मौत हो गई। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने हाथी का शव देखा तो वन विभाग को सूचना दी।
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जमीन मालिक पालो साय ने बताया कि उसने खेती करने के लिए रवि नागवंशी को किराए पर दिया है। रवि नागवंशी ने खेत मे सिंचाई के लिए बिजली से चलने वाला मोटर लगाया था। जिससे करंट लगने से हाथी मर गया। वन विभाग की टीम हाथी की मौत को लेकर जांच कर रही है। मौके पर ही पशु चिकित्सकों को बुला लिया गया है। वहीं पर पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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दरअसल, बगीचा, पंडरापाठ, तपकरा और पत्थलगांव क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में इन दिनों 65 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। हाथियों का दल पंडरापाठ क्षेत्र के पाठ इलाके में भी पहुंच जाने से ठंड में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि वन विभाग लोगों को अलर्ट कर रहा है।