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नशामुक्त छत्तीसगढ़ अभियान: सीएम भूपेश बघेल बोले- समाज के नवनिर्माण में प्रजापिता विश्वविद्यालय का सराहनीय पहल
Sun, 14 May 2023 06:49 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sun, 14 May 2023 06:49 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने रविवार को प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शान्ति सरोवर में नशामुक्त भारत अभियान के तहत ’नशामुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ का शुभारंभ किया।
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सीएम भूपेश बघेल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने रविवार को प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शान्ति सरोवर में नशामुक्त भारत अभियान के तहत ’नशामुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ का शुभारंभ किया। इस मौके पर विधायक सत्यनारायण शर्मा, गृह सचिव अरूण देव गौतम, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के डॉ. सचिन परब, डॉ. बनारसी लाल शाह, ब्रम्हकुमारी हेमलता, ऊषा बहन उपस्थित रहे।
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समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से शुरू किए गए ’नशा मुक्त भारत अभियान’ समाज के निर्माण की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इस तारतम्य में चलाए जा रहे ’नशा मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान को सफल बनाने में हम सबकी महती भागीदारी हो। नशे की शुरुआत आमतौर पर बाल्यकाल या युवावस्था से होती है। पहले शौक-शौक में पीना शुरू करते हैं, जो धीरे-धीरे आदत बन जाती है। यह जीवन में कड़वाहट घोल देता है। नशा एक बड़ी सामाजिक बुराई है, जो शारीरिक और मानसिक रूप से हम सबके लिए काफी नुकसानदेह है। यह व्यक्ति, परिवार और समाज सभी पर दुष्प्रभाव डालता है। नशा मुक्ति के लिए सामाजिक एकजुटता से जागरूकता अभियान चलाना एक अच्छा विकल्प है।
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उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लॉकडाउन के समय लोगों को शराब नहीं मिली, तो उन्होंने सेनेटाइजर पी लिया। इससे कई लोगों की मौत हो गई। यह देखकर मेरी हिम्मत नहीं हुई कि मैं शराबबंदी करूं। बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनने पर राज्य में शराबबंदी का वादा किया था। इसे लेकर बीजेपी कई बार प्रदेश में शराबबंदी लागू करने की मांग कर चुकी है पर अब तक लागू नहीं हुआ है। मामले में आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मैं सभाओं में शराबबंदी की बात करता हूं, तो सभी महिलाएं दोनों हाथ उठा देती हैं, लेकिन जब मैं गुड़ाखू पर बैन लगाने की बात कहता हूं, तो एक महिला हाथ नहीं उठाती। क्योंकि वह इस नशे का ज्यादा सेवन ज्यादा करती हैं। सीएम ने कहा कि मैं राज्य के मुखिया होने के नाते शराबबंदी का तत्काल आदेश दे सकता हूं, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने समारोह में उपस्थित लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें मानवता की सेवा का नशा करना चाहिए, क्योंकि इसका नशा सबसे बड़ा है। जिसके सामने हर नशा पीछे छूट जाता है। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने नशा मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय को नशामुक्त भारत अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं और शासन की ओर से सहयोग का आश्वासन भी दिया। उन्होंने केंद्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार एवं प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बीच हुए एमओयू के तहत चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नशा मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के लिए प्रदेश के सभी जिले के लिए अभियान यात्रियों के झण्डा कलश यात्रा का शुभारंभ भी किया।
सद्गुरू कबीर आश्रम सेलुद के संत समागम में शामिल हुए मुख्यमंत्री बघेल
सीएम बघेल ने कहा है कि संत कबीर ऐसे महान संत थे, जिन्होंने समाज में फैले सामाजिक आडम्बर व अंधविश्वास पर कड़ा प्रहार किया और समाज को जागरूक कर एकसूत्र में पिरोने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि 650 वर्ष बीतने के बाद भी उनकी वाणी आज भी प्रासंगिक है। वे आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम सेलूद के सद्गुरू कबीर आश्रम में आयोजित संत समागम को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सद्गुरू कबीर आश्रम में डोम निर्माण की घोषणा की।