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CG: डिप्टी सीएम विजय शर्मा से जिला पंचायत अध्यक्षों की बैठक, भत्तों में वृद्धि और सुविधाओं को लेकर रखीं मांगें
Tue, 30 Dec 2025 10:19 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 30 Dec 2025 10:19 AM IST
सार
बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं को रखते हुए मानदेय, भ्रमण-यात्रा, आवास एवं अन्य भत्तों में वृद्धि, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और वाहन किराए में संशोधन जैसी मांगों का प्रतिवेदन सौंपा।
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जिला पंचायत अध्यक्षों ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा से मुलाकात की
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं को रखते हुए मानदेय, भ्रमण-यात्रा, आवास एवं अन्य भत्तों में वृद्धि, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और वाहन किराए में संशोधन जैसी मांगों का प्रतिवेदन सौंपा। उपमुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए उन पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) — वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों को हासिल करने में जिला पंचायतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिक योजनाबंदी, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा।
नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलने, जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, सौर ऊर्जा और आजीविका संवर्धन पर विशेष फोकस की जानकारी दी गई। साथ ही पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से मजदूरी का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई।
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अधिनियम में आवास, पेयजल, स्वच्छ्ता और विद्युतीकरण जैसे कार्यों को शामिल किया गया है, जिससे गांवों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। ग्रामसभा आधारित योजना निर्माण से कार्यों के दोहराव पर रोक और संतुलित विकास सुनिश्चित करने की व्यवस्था रहेगी।
पंचायतों को भविष्य के लिए मजबूत बनाने के उद्देश्य से जल सुरक्षा, आजीविका आधारित ढांचों के विकास और मौसमी आपदाओं से बचाव पर विशेष बल दिया गया है। किसानों के हित में बुवाई और कटाई के चरम समय में प्रतिवर्ष 60 दिनों तक कार्य स्थगन का प्रावधान भी रखा गया है।
बैठक में जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, महतारी सदन निर्माण, श्रद्धांजलि योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और क्षमता विकास योजना पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्षों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
इसके साथ ही समर्थ पंचायत पोर्टल, यूपीआई आधारित कर संग्रहण व्यवस्था, प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रणाली और ग्राम संपदा मोबाइल एप के माध्यम से परिसंपत्तियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग से संबंधित जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के लिए प्रस्तावित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
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बैठक में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) — वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों को हासिल करने में जिला पंचायतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिक योजनाबंदी, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा।
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नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलने, जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, सौर ऊर्जा और आजीविका संवर्धन पर विशेष फोकस की जानकारी दी गई। साथ ही पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से मजदूरी का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई।
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अधिनियम में आवास, पेयजल, स्वच्छ्ता और विद्युतीकरण जैसे कार्यों को शामिल किया गया है, जिससे गांवों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। ग्रामसभा आधारित योजना निर्माण से कार्यों के दोहराव पर रोक और संतुलित विकास सुनिश्चित करने की व्यवस्था रहेगी।
पंचायतों को भविष्य के लिए मजबूत बनाने के उद्देश्य से जल सुरक्षा, आजीविका आधारित ढांचों के विकास और मौसमी आपदाओं से बचाव पर विशेष बल दिया गया है। किसानों के हित में बुवाई और कटाई के चरम समय में प्रतिवर्ष 60 दिनों तक कार्य स्थगन का प्रावधान भी रखा गया है।
बैठक में जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, महतारी सदन निर्माण, श्रद्धांजलि योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और क्षमता विकास योजना पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्षों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
इसके साथ ही समर्थ पंचायत पोर्टल, यूपीआई आधारित कर संग्रहण व्यवस्था, प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रणाली और ग्राम संपदा मोबाइल एप के माध्यम से परिसंपत्तियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग से संबंधित जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के लिए प्रस्तावित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।