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CG: डिप्टी CM साव ने 'हरित स्वच्छता अभियान' का किया शुभारंभ,बोले- प्लास्टिक मुक्त रायपुर बनाना सबकी जिम्मेदारी

Tue, 03 Jun 2025 12:21 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Tue, 03 Jun 2025 12:21 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर में 'हरित स्वच्छता अभियान' का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। पूरे प्रदेश में यह अभियान संचालित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री साव ने स्वच्छता जागरूकता के लिए आयोजित वॉकेथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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Deputy CM Sao launched 'Green Cleanliness Campaign' in chhattisgarh
डिप्टी CM साव ने 'हरित स्वच्छता अभियान' का किया शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर में 'हरित स्वच्छता अभियान' का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। पूरे प्रदेश में यह अभियान संचालित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री साव ने स्वच्छता जागरूकता के लिए आयोजित वॉकेथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के तहत लोगों को प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने के लिए प्रेरित और जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को रायपुर को प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने की शपथ दिलाई। 
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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आगामी पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देश पर आयोजित पांच दिवसीय 'हरित भारत-स्वच्छ भारत' अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि पर्यावरण का हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। आज विश्व में पर्यावरण संरक्षण एक बड़ी चुनौती है। 'हरित भारत-स्वच्छ भारत' के संकल्प के तहत हम रायपुर और पूरे प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त करने की दिशा में संकल्पित होकर कार्य करेंगे। प्लास्टिक मुक्त रायपुर बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है क्योंकि राजधानी से पूरे प्रदेश में जागरूकता का संदेश जाता है। 
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उन्होंने बताया कि भारत दुनिया में प्लास्टिक कचरा पैदा करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। देश में हर दिन करीब 26 हजार टन प्लास्टिक कचरा निकलता है। इस प्लास्टिक का एक बड़ा हिस्सा ठीक से इकट्ठा नहीं किया जाता है, जिससे नदियां प्रदूषित होती हैं, नालियां बंद हो जाती हैं, मिट्टी दूषित हो जाती है तथा गलती से इसे खाने वाले जानवरों को नुकसान पहुंचता है। स्वच्छ भारत अभियान जैसे आंदोलनों ने नागरिकों को अपने आसपास की सफाई करने और कचरे का बेहतर प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। भारत भी इस समस्या को हल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। सरकार ने प्लास्टिक के स्ट्रॉ, कटलरी और पॉलीथीन बैग जैसी कई सिंगल-यूज प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया है। देशभर में इस दिशा में नवाचार हो रहे हैं। पुणे, चेन्नई और इंदौर जैसे शहर पुनर्नवीनीकृत प्लास्टिक का उपयोग कर सड़कें बना रहे हैं, जिससे सड़कें मजबूत हो रही हैं और प्लास्टिक अपशिष्ट में कमी आ रही है। 
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उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम स्थल पर महिला स्वसहायता समूहों द्वारा कपड़े से बने थैलों के वितरण के लिए बनाए गए कियोस्क का शुभारंभ किया। पॉलिथीन के उपयोग को रोकने के लिए डे-एनयूएलएम के सहयोग और स्वसहायता समूहों की सहभागिता से तेलीबांधा तालाब परिसर में पांच फैब्रिक बैग वितरण कियोस्क स्थापित किए गए हैं। कियोस्क में महिलाओं ने उप मुख्यमंत्री तथा अन्य अतिथियों को कपड़े के थैले भेंट किए। 5 जून तक चलने वाले पांच दिवसीय "हरित भारत-स्वच्छ भारत" अभियान के अंतर्गत आर.आर.आर. (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकल) सेंटर्स भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साव ने नागरिकों से अपील की कि वे कपड़े, किताबें और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इन आर.आर.आर. सेंटर्स में दान कर रायपुर को स्वच्छ और हरित बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

वन मंत्री केदार कश्यप ने अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी मानव संस्कृति में प्रकृति को विकृत करने की नहीं, बल्कि उसे संरक्षित करने की परंपरा रही है। छत्तीसगढ़ देश के सबसे ज्यादा वन क्षेत्र वाले राज्यों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत इस वर्ष हमने 2.75 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा है। गत वर्षों में हमारे वन क्षेत्र में वृद्धि देखने को मिल रही है जो खुशी की बात है। शहरी क्षेत्रों में जन-जागरण के लिए यह महत्वपूर्ण आयोजन है क्योंकि स्वच्छ घर से स्वच्छ वार्ड और स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प पूरा होता है। 


रायपुर महापौर मीनल चौबे ने कार्यक्रम में कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने में सभी का सहयोग और सहभागिता जरूरी है। हमारी बहनें ठान ले तो कोई भी अभियान सफल हो सकता है। हम कम से कम प्लास्टिक उपयोग करने का प्रण लें। प्लास्टिक की वजह से जो कचरा होता है उससे नाले-नालियां जाम होती हैं और बरसात में जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है। ठेलों और होटलों में प्लास्टिक डिस्पोजेबल्स के उपयोग को रोकने के लिए नगर निगम गंभीरता से प्रयास करेगा।
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