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दंतेवाड़ा हमले में हुआ 40 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल, नक्सलियों को उनकी भाषा में दिया जाएगा जवाब
Wed, 10 Apr 2019 06:45 AM IST
अमर शर्मा
एजेंसी, रायपुर
एजेंसी, रायपुर
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 10 Apr 2019 06:45 AM IST
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दंतेवाड़ा में नक्सली धमाके से सड़क पर बड़ा गड्ढा हुआ
- फोटो : PTI
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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक के काफिले पर हुए हमले में जो आईईडी धमाका किया गया, उसमें नक्सलियों ने करीब 40 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया था। सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों ने काफिले में शामिल वाहन को जिस जगह निशाना बनाया, वहां एक बड़ा गड्ढा हो गया है। इससे जांचकर्ताओं को धमाके में भारी मात्रा में विस्फोटक इस्तेमाल करने का संदेह है।
विशेष डीजी (नक्सल रोधी अभियान) डीएम अवस्थी ने बताया कि हमले में शहीद हुए जवानों की पहचान कर ली गई है। इनमें जिला बल के जवान छगन कुलदीप, सोमदू कवासी, रामलाल ओयामी और दंतेश्वर मौर्या (ड्राइवर) शहीद हुए हैं। जवानों के तीन हथियार भी लापता हैं।
बाछेली पुलिस स्टेशन के इंचार्ज ने भाजपा विधायक को बताया था कि कुआकोंडा के निकट रूट पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं है, इसलिए उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण दंतेवाड़ा में चुनाव प्रचार दोपहर 3 बजे ही खत्म हो गया था।
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मंडावी बुलेट प्रूफ गाड़ी में सवार थे। उनके काफिले में सुरक्षा बलों की गाड़ी भी थी। धमाका इतना ताकतवर था कि मंडावी और सुरक्षा बलों की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
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विशेष डीजी (नक्सल रोधी अभियान) डीएम अवस्थी ने बताया कि हमले में शहीद हुए जवानों की पहचान कर ली गई है। इनमें जिला बल के जवान छगन कुलदीप, सोमदू कवासी, रामलाल ओयामी और दंतेश्वर मौर्या (ड्राइवर) शहीद हुए हैं। जवानों के तीन हथियार भी लापता हैं।
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बाछेली पुलिस स्टेशन के इंचार्ज ने भाजपा विधायक को बताया था कि कुआकोंडा के निकट रूट पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं है, इसलिए उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण दंतेवाड़ा में चुनाव प्रचार दोपहर 3 बजे ही खत्म हो गया था।
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मंडावी बुलेट प्रूफ गाड़ी में सवार थे। उनके काफिले में सुरक्षा बलों की गाड़ी भी थी। धमाका इतना ताकतवर था कि मंडावी और सुरक्षा बलों की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
झीरमघाटी हमले में मारे गए थे दंतेवाड़ा के पूर्व विधायक
भाजपा विधायक के काफिले पर हुए हमले ने 25 मई 2013 को झीरमघाटी में हुए नक्सली हमले की याद दिला दी। इस हमले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेता मारे गए थे। इनमें मध्य प्रदेश के पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, तत्कालीन छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, मुदलियार समेत 27 लोगों की मौत हो गई थी। महेंद्र कर्मा दंतेवाड़ा सीट से तीन बार विधायक रहे। 2008 के विधानसभा चुनाव में उन्हें भीमा मंडावी ने ही हराया था। हालांकि, 2013 के विधानसभा चुनाव में मंडावी महेंद्र कर्मा की पत्नी से हार गए थे।नक्सलियों को उनकी भाषा में जवाब देने का निर्देश
भूपेश बघेल (फाइल)
- फोटो : ANI
हमले के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सुरक्षाबलों को नक्सलियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देने का निर्देश दिया। बघेल ने कहा कि इस पीड़ा को हमसे ज्यादा कौन समझेगा जिन्होंने अपने नेताओं की एक पूरी पीढ़ी एक बड़े नक्सल हमले में खो दी थी।
हमारी सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में जनता का विश्वास जीतने के लिए काम कर रही है, जिससे नक्सली बौखला गए हैं। यह जघन्य वारदात उनकी इसी बौखलाहट का नतीजा है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, लोकसभा चुनावों के मद्देनजर पुलिस नक्सल रोधी अभियान चला रही थी। दंतेवाड़ा के झिरका गांव में सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को नक्सल कमांडर के वहां होने का पता चला।
सुबह करीब 6 बजे पुलिस पार्टी ने इलाके को घेर लिया और बरसा को गिरफ्तार कर लिया। वह बीजापुर जिले का रहने वाला है। 2018 में उसने कथित तौर पर ट्रैक को नुकसान पहुंचाकर रेल संचालन प्रभावित करने की कोशिश की थी।
हमारी सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में जनता का विश्वास जीतने के लिए काम कर रही है, जिससे नक्सली बौखला गए हैं। यह जघन्य वारदात उनकी इसी बौखलाहट का नतीजा है।
एक लाख का इनामी नक्सली कमांडर गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ पुलिस ने मंगलवार को एक लाख के इनामी नक्सली कमांडर को गिरफ्तार किया। नक्सल कमांडर की पहचान पोडलू बरसा के तौर पर की गई है और वह हत्या, डकैती, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ट्रेन रोकने के कई मामलों में वांछित था।वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, लोकसभा चुनावों के मद्देनजर पुलिस नक्सल रोधी अभियान चला रही थी। दंतेवाड़ा के झिरका गांव में सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को नक्सल कमांडर के वहां होने का पता चला।
सुबह करीब 6 बजे पुलिस पार्टी ने इलाके को घेर लिया और बरसा को गिरफ्तार कर लिया। वह बीजापुर जिले का रहने वाला है। 2018 में उसने कथित तौर पर ट्रैक को नुकसान पहुंचाकर रेल संचालन प्रभावित करने की कोशिश की थी।