फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Cracks in houses due to Kusumanda mine blasting in Korba

कुसमुंडा खदान: ब्लास्टिंग से घरों में पड़ी दरारें, छप्पर हुए धराशाही; जानें कैसे जी रहे हैं आसपास के ग्रामीण

Sun, 04 Feb 2024 04:11 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, कोराब
अमर उजाला नेटवर्क, कोराब Published by: श्याम जी. Updated Sun, 04 Feb 2024 04:11 PM IST
सार

कोरबा में खदान में हो रहे धमाकों से आपसपास के गांवों में मकान को क्षति पहुंच रही है। शिकायत के बाद भी खदान प्रबंधन चुप्पी साधे हुए है। वहीं, आसपास रहने वाले ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर हैं।
 

विज्ञापन
Cracks in houses due to Kusumanda mine blasting in Korba
कुसमुंडा खदान में धमाका - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुसमुंडा खदान में रविवार को धमाके हुए। इसकी वजह से बरपाली गांव में एक मकान का छज्जा गिर गया। हादसे के वक्त महिला कमरे में खाना बना रही थी। वहीं, इस हादसे में परिवार के अन्य लोग बाल-बाल बचे हैं। बताया जा रहा है बरपाली गांव खदान के पास में ही है। गेवरा बस्ती क्षेत्र अंतर्गत बरपाली गांव के अलावा जटराज, पाली, पडनिया, सोनपुरी, रिश्दी, खोडरी इत्यादि ग्राम भी कुसमुंडा खदान से लगे हुए हैं। यहां आए दिन बालस्टिंग की वजह से घरों के छप्पर गिर रहे हैं और दीवारों में दरारें पड़ रही हैं। 

विज्ञापन


बरपाली गांव में रहने वाले लोगों ने बताया कि खदान में दिन भर में छह-सात हैवी ब्लास्टिंग होती हैं। कई बार तो ब्लास्टिंग के दौरान भारी भरकम पत्थर भी खदान से छिटक कर घरों में गिर रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत व खदान में आंदोलन किया। आंदोलन के बाद कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारी हरकत में आते हैं और क्षतिपूर्ति के रूप में चंद पैसे अथवा घरों के छप्पर में लगाने वाले सीट की व्यवस्था कर चुप्पी साध लेते हैं। 
विज्ञापन


वर्तमान समय में कुसमुंडा खदान में जिस तरह से तय मानकों को अनदेखा कर कोयले का खनन किया जा रहा है, जिससे खदान एक विशालकाय कुआंनुमा खाई बनती जा रहा है। कई-कई स्थानों पर मुहाने से एक पैर आगे बढ़ाने पर व्यक्ति अथवा मवेशी सीधे सैकड़ों फीट नीचे खदान में समा सकते हैं। कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारियों की गलत नीति की वजह से खदान प्रभावित भूविस्थापितों को सही समय विस्थापन, बसावट, मुवावजा और रोजगार नही मिल पा रहें है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीड़ित राधिका बाई ने बताया कि किचन में खाना बनाने के लिए अंदर गई हुई थी। इस दौरान अचानक से ब्लास्टिंग हुई और घर का छज्जा गिर गया। ब्लास्ट इतना खतरनाक था कि किसी तरह वहां से भागकर जान बचाई। यह कोई पहला ब्लास्ट नहीं था, इससे पहले भी कई हैवी ब्लास्टिंग हो चुकी हैं, जिसके चलते आसपास के गांव के लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed