फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   corruption in Jal Jeevan Mission; water did not reach tribal village of Chhattisgarh GPM

जल जीवन मिशन में नल तो है पर जल नहीं: बस्ती ऊपर, टंकी लगाई निचले इलाके में; गड्ढे से गंदा पानी पानी पी रहे लोग

Sat, 15 Apr 2023 03:33 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Sat, 15 Apr 2023 03:33 PM IST
सार

पीएचई विभाग के सहायक अभियंता पीएस बघेल का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर में तेजी से पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। थोड़ा समय लगेगा, लेकिन ग्रामीणों को इससे आराम मिलेगा। पेयजल लाइन जमीन से ऊपर डाल दी गई है तो यह सही नहीं है। ठेकेदारों को इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल जो ऊपर पाइप हैं, उनको नीचे कराया जाएगा। 

विज्ञापन
corruption in Jal Jeevan Mission; water did not reach tribal village of Chhattisgarh GPM
गड्ढे से गंदा पानी भरकर आदिवासी इसे पी रहे। - फोटो : संवाद

विस्तार

हर घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए भारत सरकार की योजना है, जल जीवन मिशन। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में इस योजना में न तो जीवन ही रह गया और न ही जल पहुंच रहा है। मिशन के तहत अफसरों ने लोगों के घरों में नल तो लगा दिए, लेकिन उनमें जल ही नहीं आता। इसके चलते आज भी लोग कई किमी पैदल सफर कर गड्ढों में भरा पानी पीने के लिए मजबूर हैं। आरोप है कि अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते यह हुआ है। वहीं अफसरों का कहना है कि हमने तो स्पष्ट ठेकेदारों को बता रखा है। हालांकि इस पर क्या कार्रवाई करेंगे, इसे लेकर चुप हैं। 

विज्ञापन




दरअसल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के की ओर से जिले में जल जीवन मिशन के तहत करीब 450 करोड़ की लागत से ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके अंतर्गत जिले के 222 ग्रामों के 79077 घरों में प्रस्तावित कनेक्शन में से 72937 में घरेलू नल कनेक्शन देना है। गौरेला विकासखंड के दूरस्थ आदिवासी गांव टीडी में करीब डेढ़ साल पहले मिशन के तहत घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने नल लगाए गए हैं। इनमें पेयजल की सप्लाई के लिए आंगनबाड़ी भवन के पास टंकी भी रखी गई है और पेयजल लाइन भी बिछ गई, पर पानी घरों में नहीं पहुंचा।  
विज्ञापन




बताया जा रहा है कि टंकी जिस जगह बनाई गई वह ढलान का क्षेत्र है, जबकि बस्ती ऊंचाई पर है। शासन की गाइडलाइन में पाइप लाइन को तीन फीट अंदर डालना था, लेकिन ठेकेदार ने उसे जमीन के ऊपर ही रख दिया। इसके कारण पानी लोगों के घरों तक आज तक पहुंच ही नहीं सका है। ग्रामीण आज भी पेयजल के लिए गड्ढे से गंदा पानी लेने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घर में जो नल के लिए पाइप लगाया गया है वो सिर्फ दिखावा है। उसका फायदा उन्हें आज तक नही मिला है। दूसरी ओर अफसर व्यवस्था दुरुस्त करने की बात तो कहते हैं, पर कार्रवाई पर शांत हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed