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छत्तीसगढ़: धान खरीद मामले में कांग्रेस ने की जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Mar 2017 10:51 PM IST
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कांग्रेस नेता भुपेश बाघेल
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मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रदेश में धान की खरीद में राज्य सरकार पर कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस नेता भुपेश बाघेल ने वर्ष 2013-2014 से 2016-2017 तक राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत धान की खरीद को लिए निर्धारित लक्ष्य को जानने की मांग की है।
उन्होनें कहा कि सरकार को ये बताना चाहिए कि किसानों से कितना धान खरीदा गया था और किसानों को दिए गए भुगतान के विवरण की मांग की है। वहींं मामले के जवाब के तौर पर सहकारी मंत्री दयालदास बाघेल ने कहा कि राज्य ने धान की खरीद को लिए एमएसपी के तहत कोई भी सक्ष्य तय नही किये थे।
इसी दौरान उन्होनें 2013-14 से 2016-17 तक किसानों को दी गई धान की राशि का आंकलन भी दिया। इसका पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता बाघेल ने कहा कि सरकार धान की खरीद, उसके परिवहन और श्रम भुगतान के लिए बजट प्रदान करती है, लेकिन किसी भी लक्ष्य को ठीक नही करती है।
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बता दें उन्होनें आरोप लगाया है कि धान की खरीद में 684 करोड़ रुपये की अनियमितताएं हुई हैं और सरकार इसे छिपाने की कोशिश कर रही है। मंत्री ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जहां अनियमितताएं आ गई हैं। अब तक, 18 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रही है।
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उन्होनें कहा कि सरकार को ये बताना चाहिए कि किसानों से कितना धान खरीदा गया था और किसानों को दिए गए भुगतान के विवरण की मांग की है। वहींं मामले के जवाब के तौर पर सहकारी मंत्री दयालदास बाघेल ने कहा कि राज्य ने धान की खरीद को लिए एमएसपी के तहत कोई भी सक्ष्य तय नही किये थे।
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इसी दौरान उन्होनें 2013-14 से 2016-17 तक किसानों को दी गई धान की राशि का आंकलन भी दिया। इसका पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता बाघेल ने कहा कि सरकार धान की खरीद, उसके परिवहन और श्रम भुगतान के लिए बजट प्रदान करती है, लेकिन किसी भी लक्ष्य को ठीक नही करती है।
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बता दें उन्होनें आरोप लगाया है कि धान की खरीद में 684 करोड़ रुपये की अनियमितताएं हुई हैं और सरकार इसे छिपाने की कोशिश कर रही है। मंत्री ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जहां अनियमितताएं आ गई हैं। अब तक, 18 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रही है।