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सीएम साय ने बुनकरों को दी सौगात: छत्तीसगढ़ का हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब' लॉन्च, सरेंडर महिलाओं ने किया रैंप वॉक
Fri, 07 Aug 2026 07:24 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Fri, 07 Aug 2026 07:24 PM IST
सार
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ का कोसा और बस्तर की बुनाई प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उत्पाद देश-दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को 'लोकल टू ग्लोबल' की पहचान दिलाना है।
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सीएम साय ने लॉन्च किया छत्तीसगढ़ का हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब'
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ का कोसा और बस्तर की बुनाई प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उत्पाद देश-दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को 'लोकल टू ग्लोबल' की पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक डिजाइन, कौशल उन्नयन, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, बाजार और नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। ये बातें छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में कहीं।
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इस दौरान सीएम साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब' का शुभारंभ करते हुए उसके लोगो एवं कैटलॉग का विमोचन किया। उन्होंने हथकरघा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीएम ने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी एवं माटीकला बोर्ड के कई हितग्राहियों और मेधावी छात्र-छात्राओं को 10 करोड़ 90 लाख रुपये से अधिक की अनुदान और पुरस्कार राशि बांटी।
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सरेंडर नक्सली महिलाओं ने किया रैंप वॉक
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी और खास बात ये रही कि बस्तर की आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं ने स्वदेशी फैशन शो में रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा सिल्क और अन्य हैंडलूम परिधानों का प्रदर्शन किया। यह प्रस्तुति मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ती महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मानजनक पुनर्वास और बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर की सशक्त अभिव्यक्ति रही। इस दौरान लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित महिलाओं से संवाद भी किया। उनका उत्साह बढ़ाया।
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राज्य सरकार ने पूरे किये वादे
सीएम साय ने कहा कि 7 अगस्त 1905 को शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2015 में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को राज्य सरकार ने पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। किसानों को धान खरीदी की अंतर राशि का भुगतान, भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण और तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना दोबारा शुरू की गई है।
स्वदेशी अपनाने का आह्वान: मंत्री राजेश अग्रवाल
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और हथकरघा से निर्मित वस्तुओं के उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और लाखों बुनकर परिवारों के सम्मान से जुड़ा जन आंदोलन है। छत्तीसगढ़ के कुशल बुनकरों के निर्मित पारंपरिक गमछा ओढ़कर कहा कि यह गमछा केवल एक परिधान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, श्रम, परंपरा और स्थानीय शिल्प कौशल का जीवंत प्रतीक है।