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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   CM Bhupesh removes Mukesh Gupta and also change investigation chief

एक्शन में सीएम बघेल, पहले ही दिन एसीबी प्रमुख और खुफिया चीफ को हटाया

Tue, 18 Dec 2018 10:39 AM IST
Shilpa Thakur रवि भोई, रायपुर 
रवि भोई, रायपुर  Published by: Shilpa Thakur Updated Tue, 18 Dec 2018 10:39 AM IST
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CM Bhupesh removes Mukesh Gupta and also change investigation chief
भूपेश बघेल - फोटो : twitter

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले ही दिन आक्रामक रूख अपनाते हुए राज्य आर्थिक अपराध और अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू और एसीबी) के प्रमुख मुकेश गुप्ता को हटा दिया है। गौरतलब है कि मुकेश गुप्ता के कार्यकाल में ही जमीन के मामले में तत्कालीन रमन सरकार ने भूपेश बघेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मामले में ईओडब्ल्यू में भूपेश के साथ-साथ उनकी पत्नी और मां को तलब कर लिया गया था। इसमें पीसीसी चीफ की बड़ी किरकिरी हुई और पूरी कांग्रेस सड़क पर आ गई थी। अब ईओडब्ल्यू और एसीबी का मुखिया डीएम अवस्थी को बना दिया गया है।


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1986 बैच के आईपीएस अवस्थी पूर्ववत एडीजी नक्सल आपरेशन के साथ-साथ एसआईबी और हाउसिंग कारपोरेशन का काम देखते रहेंगे। 1988 बैच के आईपीएस मुकेश गुप्ता को पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। अभी उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। वहीं खुफिया चीफ रहे 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी अशोक जुनेजा को भी सरकार ने बदल दिया है। 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय पिल्लई नए खुफिया चीफ होंगे। पिल्लई अब तक विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशासन, प्रशिक्षण, एसटीएफ और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का काम देख रहे हैं। यह काम अब अशोक जुनेजा देखेंगे। गुप्ता और जुनेजा दोनों रमन सरकार के काफी करीबी और विश्वास पात्र अधिकारी माने जाते रहे हैं। 2012 के झीरम घाटी कांड के समय मुकेश गुप्ता राज्य के खुफिया चीफ थे।

इस कांड में कांग्रेस के 29 नेता नक्सली हिंसा के शिकार हो गए थे। भूपेश ने इस कांड की जांच कराने के लिए एसआईटी बनाने की घोषणा की है। भूपेश ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि घटना की एन आई ए से जांच के बाद भी असली गुनहगार सामने नहीं आए, इस कारण छह साल बाद मामले की जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन सभी को पता है कि फिर से जांच के क्या मायने हैं? जांच के बहाने छत्तीसगढ़ के दो शीर्षस्थ नेताओं पर तलवार लटकी रहेगी।  

कांग्रेस सरकार में जनसम्पर्क आयुक्त भी पहले ही दिन बदल दिया गया। चुनाव के दौरान स्टिंग आपरेशन के चलते चुनाव आयोग ने रमन सरकार के जनसम्पर्क आयुक्त राजेश टोप्पो को हटाकर पी.अंबलगन को चार्ज दिया था। पी.अंबलगन की जगह तारण सिन्हा अब नए जनसम्पर्क आयुक्त होंगे। तारण सिन्हा अब तक संचालक संस्कृति थे। पी.अंबलगन पीएचई के विशेष सचिव बने रहेंगे। संचालक संस्कृति चंद्रकांत उइके को बनाया गया है। उइके अभी संचालक जनसम्पर्क थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आईएएस अधिकारी गौरव द्विवेदी को अपना सचिव नियुक्त किया है। गौरव द्विवेदी पूर्ववत स्कूल शिक्षा सचिव रहेंगे, साथ में सचिव को जनसंपर्क की जिम्मेदारी भी दी गई है। सरगुजा के कमिश्नर टामन सिंह सोनवानी को संयुक्त सचिव और प्रवीण शुक्ल को ओएसडी बनाया है। सरगुजा कमिश्नर का कार्यभार फिलहाल बिलासपुर के कमिश्नर टीसी महावर को अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है।  
कहा जा रहा है आने वाले दिनों में कई और अधिकारीयों को इधर से उधर किया जायेगा। डीजीपी ए. एन. उपाध्याय को हटाया जा सकता है। उपाध्याय की जगह उनसे वरिष्ठ गिरधारी नायक को डीजीपी बनाये जाने की चर्चा है। गिरधारी नायक अभी डीजी जेल और होमगार्ड हैं।

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