मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना: भूपेश सरकार छात्रों को देगी 50 हजार रुपए का स्कॉलरशिप, जानें कैसे मिलेगा
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2023 के तहत वार्षिक एकमुश्त राशि मिलेगी। मेरिट सूची में नक्सल हिंसा से हुए अनाथ बच्चे, अन्य अनाथ बच्चे, विधवा के बच्चे और विकलांग बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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छत्तीसगढ़ के बड़े संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 50 हजार रुपए स्कॉलरशिप मिलेगी। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2023 के तहत वार्षिक एकमुश्त राशि मिलेगी। मेरिट सूची में नक्सल हिंसा से हुए अनाथ बच्चे, अन्य अनाथ बच्चे, विधवा के बच्चे और विकलांग बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सीएम भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना वर्ष-2023 को स्वीकृत कर दी है। ये योजना निम्न आय वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों आईआईटी, एम्स, आईआईएम, एनएलयू जैसे उच्च शिक्षा व्यावसायिक संस्थानों में प्रवेश लेने वालों के लिए है। प्रवेश को सुगम बनाने और उन्हें तात्कालिक सहायता देने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है।
ये संस्थान हैं शामिल
इस योजना का उद्देश्य है कि प्रदेश के निम्न आय वर्ग के विद्यार्थी जो उच्च व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयन होने के बाद भी पढ़ नहीं सकते हैं। ऐसे छात्र-छात्रों के लिए ये योजना लागू किया गया है। नीट प्रवेश परीक्षा के माध्यम से, एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए शासकीय संस्थान, जेईई प्रवेश परीक्षा के माध्यम से बी-टेक पाठ्यक्रम के लिए शासकीय एनआईटी, ट्रीपलआईटी संस्थान को शामिल किया गया है।
ये होंगी शर्तें और चयन प्रक्रिया
- विद्यार्थी छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल होना चाहिए।
- संस्थान में चयन की पात्रता के साथ चयनित होने का प्रमाण-पत्र।
- प्रवेश लेने के लिए संस्था को ओर से जारी सूचना पत्र।
- SC/ST/OBC के छात्रों के पालकों की वार्षिक आय ढाई लाख से कम होना चाहिए।
- शासकीय सेवकों के आश्रित इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बच्चे इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
- योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी को योजना के साथ संलग्न निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना होगा।
- आवेदनों की संख्या अधिक होने पर छात्रवृत्ति की संख्या निर्धारित की जाएगी।
- मेरिट सूची के बाद नक्सल हिंसा से हुए अनाथ बच्चे, अनाथ बच्चे, विधवा के बच्चे, विकलांग बच्चों को इसी क्रम में प्राथमिकता देते हुए सूची तैयार की जाएगी।
- विद्यार्थी को प्रवेश के बाद समस्त वैध व्यय का देयक प्रमाणित कराकर प्रस्तुत करना होगा। छात्रवृत्ति की राशि का दुरूपयोग करने या गलत जानकारी देने पर कार्रवाई होगी।
ऐसे करें अप्लाई
इस योजन के अंतर्गत संस्थानों में प्रवेश के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित संस्थान में प्रवेश की सूचना प्राप्त होते ही विद्यार्थी को निर्धारित आवेदन पत्र में आवेदन कर और उससे संबंधित अभिलेख संलग्न कर 15 दिन के भीतर आयुक्त या संचालक आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर को प्रस्तुत करना होगा।