Chhattisgarh Results 2018: रमन सिंह ने ली हार की जिम्मेदारी, जनादेश का किया सम्मान
किसी प्रकार की कोई गड़बड़ न हो इसके लिए कांग्रेस ने विधायक दल के नेता के चुनाव की निगरानी के लिये लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को छत्तीसगढ़ में पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा। गृह मंत्री रामसेवक पैकरा को कांग्रेस के प्रेमसाई सिंह टेकाम ने 44 हजार 105 मतों से पराजित किया। अन्य हारने वाले मंत्रियों में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भैयालाल रजवाड़े, बस्तर क्षेत्र के दो प्रमुख मंत्री महेश गगडा और केदार कश्यप शामिल हैं। सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल को भी हार का सामना करना पड़ा। निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी और विपक्ष के नेता टी.एस. सिंहदेव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के अनुराग सिंह देव को 39624 मतों से पराजित किया है।
वहीं, कुरूद विधानसभा सीट से मंत्री अजय चन्द्राकर ने निर्दलीय नीलम चन्द्राकर को 12317 मतों से पराजित किया है। कोंटा विधानसभा सीट से विधानसभा में विपक्ष के उप नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कवासी लखमा ने भाजपा के धनीराम बारसे को 6709 मतों के अंतर से पराजित किया है। वहीं नारायणपुर सीट से कांग्रेस के चंदन कश्यप ने मंत्री केदार कश्यप को 2647 मतों से पराजित किया है। बीजापुर सीट में कांग्रेस के विक्रम मंडावी ने मंत्री महेश गागड़ा को 21584 मतों से पराजित किया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार दुर्ग ग्रामीण सीट से कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के जागेश्वर साहू को 27112 मतों से पराजित किया है।
वहीं, नवागढ़ सीट से कांग्रेस के गुरुदयाल सिंह बंजारे ने मंत्री दयालदास बघेल को 33200 मतों से हराया है। प्रतापपुर से कांग्रेस के प्रेमसाय सिंह टेकाम ने मंत्री रामसेवक पैकरा को 44105 मतों से हराया है। आयोग से मिली जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर से कांग्रेस की अम्बिका सिंह देव ने मंत्री भईयालाल राजवाड़े को 5339 मतों से पराजित किया है। वहीं भिलाई नगर सीट से कांग्रेस के देवेन्द्र यादव ने मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय को 2849 मतों से पराजित किया है। मरवाही सीट से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अजीत जोगी ने भाजपा की अर्चना पोर्ते को 46462 मतों से पराजित किया है।
डॉ. रमन सिंह के लिए यह चुनाव बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। 90 विधानसभा सीटों वाले छत्तीसगढ़ में 46 सीटों पर बहुमत हासिल करने वाला ही सूबे का सरदार बनेगा। सबसे पहले सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू हो चुकी है, उसके बाद 8.30 बजे से ईवीएम के मतों की गिनती होगी।
छत्तीसगढ़ में किसानों की ऋण माफी समेत फसलों के उचित मूल्य के कांग्रेस के वादे का दांव सफल रहा। यहां भाजपा को राज्य की 90 में से 17 सीटें मिलीं जबकि कांग्रेस पहली बार दो तिहाई बहुमत से जीती। इस राज्य में अब तक हुए तीन चुनावों में दोनों दलों के बीच हार-जीत का अंतर एक फीसदी से कम रहा है। राज्य में मतदाताओं का गुस्सा इस कदर था कि रमन सिंह सरकार के पांच मंत्री ब्रजमोहन अग्रवाल, केदार कश्यप, महेश गगडा, दयालदास बघेल और अमर अग्रवाल चुनाव हार गए। राज्य में भाजपा की बड़ी हार का कारण अजित जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ भी रही। पहली बार चुनाव में उतरी पार्टी को हालांकि खास कामयाबी तो नहीं मिली, लेकिन जोगी के अनुसार उनकी पार्टी भाजपा के वोट काटने में सफल रही।
छत्तीसगढ़ में अप्रत्याशित हार से निराश रमन सिंह ने चुनाव के हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि मैं जनादेश का सम्मान करता हूं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस को जीत की बधाई भी दी और कहा कि उम्मीद करता हूं कांग्रेस अपने वादे निभाएगी। मैं छत्तीसगढ़ की जनता का आभार मानता हूं कि उन्होंने भाजपा को 15 साल उनकी सेवा करने का मौका दिया। जानकारी के मुताबिक रमन सिंह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने गवर्नर को अपना इस्तीफा भेज दिया है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस प्रभारी पी एल पूनिया ने कहा कि हम नम्रता से लोगों द्वारा जनादेश स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें अधिकार नहीं दिया है बल्कि जिम्मेदारी दी है। राज्य की जनता ने हमारे घोषणापत्र में किए गए वादे पर विश्वास किया और अब हम उसे पूरी जिम्मेदारी से पूरा करेंगे। पूनिया बोले लोगों ने राहुल गांधी के शब्दों पर भरोसा किया और हमें एक एजेंडा दिया है।