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जमीन कब्जाने के मामले में विधानसभा स्पीकर का विरोध जारी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 22 Jul 2014 10:53 AM IST
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गैरकानूनी रूप के जमीन कब्जाने के मामले में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल का जोरदार विरोध जारी है।
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सीजीखबर के अऩुसार सोमवार को विधानसभा की कार्रवाई में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा में गौरीशंकर अग्रवाल का इस्तीफा ही केंद्र में रहा और कांग्रेस के 34 विधायकों को गर्भगृह में पहुंचने के कारण दो-दो बार निलंबित किया गया।
इसके बाद भी कांग्रेस ने साफ किया कि आगे भी गौरीशंकर अग्रवाल को हटाने की मांग पर कांग्रेस अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी।
नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 179 में किसी भी सदस्य को यह अधिकार दिया है कि वह विधानसभा अध्यक्ष या फिर उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है।
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ऐसे में अगर सत्ताधारी दल विपक्ष को दबाने की कोशिश करेगा तो यह संविधान की व्यवस्था के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यह तय किया है कि मंगलवार को सदन में प्रश्नकाल शुरू होने के पहले ही इस मुद्दे पर व्यवस्था की मांग की जाएगी।
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इधर विधानसभा में हंगामे के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन विधानसभा चुनावों में हार की बौखलाहट दिख रही है।
उन्होंने कहा कि संभवतः देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब आसंदी पर ही प्रहार किया गया। संसदीय प्रक्रिया के विपरीत विपक्षी सदस्यों का आचरण दुखद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदस्यों ने संवैधानिक पद व मर्यादाओं का ध्यान नहीं रखा।
रमन सिंह ने कहा कि विपक्ष द्वारा उठाया गया मामला विधानसभा अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान का नहीं है। राज्य शासन ने संपत्ति को राजसात कर लिया और उसे नगर निगम को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। नवनिर्वाचित विधायकों को जानने व सीखने का अवसर मिलता है, इसका सदुपयोग होना चाहिए।