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पीपीपी मॉडल के तहत स्थापित किए जाने वाले देश के पहले इथेनॉल संयंत्र के लिए छत्तीसगढ़ ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए
Wed, 30 Dec 2020 07:01 AM IST
देव कश्यप
एएनआई, रायपुर
एएनआई, रायपुर
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 30 Dec 2020 07:01 AM IST
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फाइल फोटो)
- फोटो : twitter.com/bhupeshbaghel
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छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत राज्य में स्थापित होने वाले देश के पहले इथेनॉल संयंत्र के लिए एक अनुबंध निष्पादन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
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आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, भोरमदेव सहकारी चीनी कारखाने कवर्धा और छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी लिमिटेड की सहायक कंपनी एनकेजे बायोफ्यूल द्वारा 30 वर्षों की अवधि के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 'किसानों को गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और चीनी कारखाने की क्षमता का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए इथेनॉल संयंत्र की स्थापना महत्वपूर्ण साबित होगी।'
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बघेल ने आगे कहा कि 'इथेनॉल संयंत्र की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और इस क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि का आधार बनेगा। छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार ने किसानों और उनके विकास कार्यों से संबंधित मुद्दों को सर्वोपरि रखा है।'
उन्होंने कहा कि 'छत्तीसगढ़ सरकार कृषि ऋणों को माफ करने वाली पहली राज्य सरकार थी और गन्ना किसानों के हित को देखते हुए, पीपीपी मॉडल द्वारा इथेनॉल संयंत्र की स्थापना चीनी कारखानों की आर्थिक कठिनाई के स्थायी समाधान के रूप में की जा रही है।'
उन्होंने कहा कि 'पीपीपी मॉडल द्वारा इथेनॉल संयंत्र स्थापित करने के लिए यह देश में पहला उदाहरण है, और राज्य में एक इथेनॉल संयंत्र स्थापित करके देश में जैव ईंधन के उत्पादन में छत्तीसगढ़ का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।