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छत्तीसगढ़: 30 दिनों से धरने पर बैठे किसानों की मांग, राहुल गांधी से कराई जाए मुलाकात
Tue, 01 Feb 2022 03:57 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 01 Feb 2022 03:57 PM IST
सार
नवा रायपुर क्षेत्र के 27 गावों के किसान पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि न तो उन्हें जमीन का चार गुना मुआवजा दिया गया और न ही पुनर्वास कराया गया।
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Rahul gandhi
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
बिना पुनर्वास जमीन छीनने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठे नवा रायपुर के किसान अब राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं। किसानों का कहना है कि अगर उनकी मुलाकात राहुल गांधी से नहीं कराई गई तो वे सड़क पर बैठ जाएंगे।
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दरअसल, राहुल गांधी से चर्चा कर किसान उन्हें अपने साथ हुए अन्याय के बारे में बताना चाहते हैं। किसानों का कहना है कि राहुल गांधी की अगुआई में बने भू-अर्जन पर पुनर्वास कानून के बावजूद जमीन का चार गुना मुआवजा नहीं दिया गया और बिना पुनर्वास उनकी 20 हजार एकड़ जमीन छीन ली गई।
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नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति की ओर से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, सरकार के तीन मंत्रियों व वरिष्ठ अफसरों को पत्र लिखा गया है। समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर ने बताया कि कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, वन-आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय विकास मंत्री डॉ. शिव डहरिया को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि किसानों का प्रतिनिधि मंडल तीन फरवरी को राहुल गांधी से मुलाकात करना चाहता है।
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जवाब के इंतजार में किसान
किसान नेताओं का कहना है कि उन्हें सरकार के जवाब का इंतजार है। अगर सरकार जवाब नहीं देती है और उनकी मुलाकात राहुल गांधी से नहीं करवाई जाती है तो वे सभी अपने घरों से निकलकर सड़कों पर बैठ जाएंगे। इसके बाद की स्थिति के लिए प्रशासन व सरकार जिम्मेदार होगी।