छत्तीसगढ़ः नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर तीन ग्रामीणों को मारा
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छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों ने फिर तीन ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया। नक्सलियों ने हत्या करने से पहले ग्रामीणों का अपहरण किया था इसके बाद जनअदालत लगाकर उन्हें मौत की सजा सुनाई गई।
पुलिस के अनुसार दो ग्रामीणों का कोंडागांव जिले के कुदुर गांव से नक्सलियों ने अपहरण किया था। जिनकी पहचान बुधरू और मनकू के रूप में हुई। कोंडागांव के एसपी जेएस वाट्टी ने बताया कि नक्सली दोनों ग्रामीणों को अपने साथ ले गए और जन अदालत लगाकर उन्हें दोषी करार दिया। दोनों पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद उन्हें तब तक पीटा गया जब तक उनकी जान नहीं चली गई।
एसपी के अनुसार शुरूआती सूचना के आधार पर पता चला था कि नक्सलियों ने बीते चार अप्रैल को नक्सलियों ने कुदुर गांव से तीन और बीते मंगलवार को दो ग्रामीणों का अपहरण किया था।
नक्सलियों ने सभी को कुदुर से 15 किलोमीटर दूर घने जंगल में ले जाकर मंगलवार देर रात जनअदालत लगाई थी। जहां दो लोगों को पुलिस का मुखबिर बताते हुए उन्हें सजा सुनाई गई। जबकि तीन लोगों को छोड़ दिया गया।
पीट पीटकर उतारा मौत के घाट
पुलिस के अनुसार सुरक्षाबल घटनास्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। जिस जगह घटना हुई वह बेचा क्षेत्र नक्सलियों का मजबूत गढ़ है। वहीं एक अन्य घटना में नक्सलियों ने कांकेर में एक 35 साल के व्यक्ति की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि उसने उनका प्रस्ताव मानने से इंकार कर दिया था। जानकारी के अनुसार मंगलवार को परतापुर थानातंर्गत आने वाले कडागांव निवासी ललित दुग्गा को बुरी तरह पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि शुरूआती जानकारी के अनुसार नक्सलियों के एक समूह ने कडागांव में दुग्गा के घर से उनका अपहरण किया था। जिसके बाद उसे पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया।
परिजनों ने बताया कि नक्सली लगातार दुग्गा को अपनी मदद न करने पर मारने की धमकी दे रहे थे। जब उन्हें इस बात का यकीन हो गया कि वो उनकी मदद नहीं करेगा तब उसकी हत्या कर दी गई।