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CG News: अपार आईडी निर्माण में छत्तीसगढ़ सबसे आगे, 88 फीसदी से ज्यादा विद्यार्थियों को मिली डिजिटल पहचान
Thu, 08 Jan 2026 02:13 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 08 Jan 2026 02:13 PM IST
सार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू की गई अपार (APAAR) आईडी योजना में छत्तीसगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य बड़े राज्यों की श्रेणी में अपार आईडी निर्माण के प्रतिशत के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू की गई अपार (APAAR) आईडी योजना में छत्तीसगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य बड़े राज्यों की श्रेणी में अपार आईडी निर्माण के प्रतिशत के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
7 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 57 हजार से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 57.10 लाख विद्यार्थियों में से 50.60 लाख से ज्यादा छात्रों की अपार आईडी बन चुकी है। यह कुल विद्यार्थियों का 88.63 प्रतिशत है, जो देश के बड़े राज्यों में सबसे अधिक है।
जिलावार स्थिति की बात करें तो बेमेतरा और राजनांदगांव जिले सबसे आगे हैं, जहां 96 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार हो चुकी है। वहीं रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग और बलौदाबाजार जिलों में भी 93 प्रतिशत से अधिक छात्रों को यह डिजिटल पहचान मिल चुकी है। नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर और दंतेवाड़ा को छोड़कर प्रदेश के बाकी सभी जिलों में 80 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थियों की अपार आईडी बन चुकी है। भारत सरकार ने सभी राज्यों को 31 जनवरी 2026 तक शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करने का लक्ष्य दिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में भी शेष छात्रों की आईडी बनाने का काम तेजी से जारी है।
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अपार आईडी के जरिए हर विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान मिलती है। इसमें छात्र की पढ़ाई से जुड़ी जानकारी, प्रमाण पत्र और उपलब्धियों का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड रहता है। इससे आगे की पढ़ाई, संस्थान बदलने और राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ लेना आसान हो जाता है।
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7 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 57 हजार से अधिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 57.10 लाख विद्यार्थियों में से 50.60 लाख से ज्यादा छात्रों की अपार आईडी बन चुकी है। यह कुल विद्यार्थियों का 88.63 प्रतिशत है, जो देश के बड़े राज्यों में सबसे अधिक है।
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जिलावार स्थिति की बात करें तो बेमेतरा और राजनांदगांव जिले सबसे आगे हैं, जहां 96 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार हो चुकी है। वहीं रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग और बलौदाबाजार जिलों में भी 93 प्रतिशत से अधिक छात्रों को यह डिजिटल पहचान मिल चुकी है। नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर और दंतेवाड़ा को छोड़कर प्रदेश के बाकी सभी जिलों में 80 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थियों की अपार आईडी बन चुकी है। भारत सरकार ने सभी राज्यों को 31 जनवरी 2026 तक शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करने का लक्ष्य दिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में भी शेष छात्रों की आईडी बनाने का काम तेजी से जारी है।
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अपार आईडी के जरिए हर विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान मिलती है। इसमें छात्र की पढ़ाई से जुड़ी जानकारी, प्रमाण पत्र और उपलब्धियों का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड रहता है। इससे आगे की पढ़ाई, संस्थान बदलने और राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ लेना आसान हो जाता है।