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घरवापसी: छत्तीसगढ़ में 1200 लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया, दिवंगत भाजपा नेता के बेटे ने किया कार्यक्रम

Sun, 21 Nov 2021 08:20 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 21 Nov 2021 08:20 AM IST
सार

 छत्तीसगढ़ के जशपुर में दिवंगत भाजपा नेता दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र प्रबल प्रताप सिंह ने 1200 लोगों को घर वापसी करवाया। जिसके तहत 300 परिवार के 1200 से अधिक लोगों को फिर से हिंदू धर्म में वापस शामिल किया गया।

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Chhattisgarh, Jashpur News, 1200 people reconvert to Hinduism under Ghar Wapsi Abhiyan
1200 लोगों की हिंदू धर्म में घर वापसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ के जशपुर में दिवंगत भाजपा नेता दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र प्रबल प्रताप सिंह ने 1200 लोगों को घर वापसी करवाया। जिसके तहत 300 परिवार के 1200 से अधिक लोगों को फिर से हिंदू धर्म में वापस शामिल किया गया। हिंदू रीति-रिवाज के हिसाब से सभी की घर वापसी पांव धोकर की गई। जिले के पत्थलगांव स्थित खूंटापानी गांव में एक बड़े आयोजन के दौरान ऑपरेशन घर वापसी का कार्यक्रम किया गया।

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इन लोगों को तीन पीढ़ी पहले ईसाई बनाया गया था
घरवापसी कार्यक्रम का नेतृत्व करने वाले प्रबल प्रताप ने बताया कि इन सभी लोगों को तीन पीढ़ी पहले ईसाई बनाया गया था। दो दिन के कार्यक्रम में हजार से अधिक लोग इकट्ठा हुए। ये कार्यक्रम आर्य समाज और हिंदू समाज द्वारा आयोजित किया गया।  इसके पहले दिन खूंटापानी में आर्य समाज की महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई। इसके बाद बाइक रैली निकली, जिसमें 300 युवा शामिल हुए और जोर-जोर से जय श्रीराम के नारे लगाए गए। 
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काउंसलिंग के बाद इन्हें गलती का एहसास हुआ: प्रबल प्रताप
घर वापसी पर बात करते हुए प्रबल प्रताप ने कहा कि 'संघ' से जुड़े हमारे लोगों और संगठन द्वारा लगातार काउंसलिंग करने के बाद इन सभी को एहसास हुआ कि उन्होंने खुद को ईसाई धर्म में परिवर्तित करके गलती की है। प्रबल प्रताप सिंह कहा कि हिंदुत्व की रक्षा करना उनके जीवन का एकमात्र संकल्प है। उन्होंने बताया कि घर वापसी करने वाले अधिकांश परिवार बसना सराईपाली के थे।
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शिक्षा व स्वास्थ्य के नाम पर धर्म का सौदा किया था: प्रबल प्रताप 
प्रबल प्रताप ने कहा कि आज इतनी अधिक संख्या में लोगों की उनके मूल धर्म में वापसी अच्छे संकेत हैं। किसी की गरीबी की मजबूरी का फायदा उठाकर किया गया काम कभी टिकाउ नहीं होता है। मिशनरियों ने शिक्षा व स्वास्थ्य के नाम पर धर्म का सौदा किया था, पर हम लगातार इन षड्यंत्रों को बेकनाब करते रहेंगे।

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