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Ambikapur: शिकारी फंदे में दो शावकों संग फंसी मादा भालू, एक की मौत, रेस्क्यू के दौरान महिला रेंजर सहित आठ घायल
Thu, 15 Dec 2022 07:19 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबिकापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबिकापुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Thu, 15 Dec 2022 07:19 PM IST
सार
भालू के मृत बच्चे के शव का शाम को अंतिम संस्कार किया गया। खोंदला पहाड़ में यह फंदा जंगली सूअरों के शिकार के लिए लगाया गया था। यहां काफी संख्या में जंगली सूअर पाए जाते हैं। रेंजर सपना मुखर्जी ने कहा है कि वनविभाग फंदा लगाने वालों की तलाश कर रही है। फंदा लगाने वालों पर वन अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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फंदे में अपने बच्चों के साथ फंसी मादा भालू।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ अंबिकापुर में गुरुवार को भालुओं को बचाने की कोशिश में रेंजर सहित आठ वनकर्मी घायल हो गए । वहीं भालू के भी एक बच्चे की मौत हो गई। ये भालू जंगली सुअर के शिकार के लिए लगाए गए फंदे में फंस गए थे। वन विभाग की टीम इन्हें ट्रैंकुलाइज कर बचाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान भालुओं को होश आ गया और उन्होंने हमला कर दिया। वनकर्मियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन फंदा कसने से भालू के बच्चे की मौत हो गई। मामला उदयपुर वन परिक्षेत्र का है।
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रोने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीण तो दिखे भालू
जानकारी के मुताबिक, डांडगांव सर्किल के खोंदला पहाड़ पर गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने भालुओं के रोने की आवाज सुनी। इस पर वे ऊपर पहुंचे तो देखा कि मादा भालू अपने दो बच्चों के साथ शिकारियों के लगाए फंदे में फंसी हुई थी। इस पर ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। थोड़ी देर में एसडीओ विजेंद्र सिंह ठाकुर, रेंजर सपना मुखर्जी सहित करीब 25 वनकर्मी मौके पर पहुंच गए। पता चला कि भालू जीआई तार से बनाए गए फंदे में बुरी तरह से फंसे हुए हैं।
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काफी प्रयास के बाद भी नहीं निकले तो ट्रैंकुलाइज किया गया
वनकर्मियों ने भालुओं को निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन काफी कोशिश करने के बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिली। फिर सरगुजा डीएफओ को सूचना दी गई और भालुओं को ट्रैंकुलाइज कर निकालने का निर्णय लिया गया। भालूओं को फंदे से निकालने के लिए ट्रैंकुलाइजर एक्सपर्ट महेंद्र पाठक के साथ चिकित्सक दोपहर बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने भालुओं को ट्रैंकुलाइज किया। इसमें भालुओं को बेहोश होने में 15 मिनट लग गए। इसके बाद भालुओं को निकालने का प्रयास शुरू हुआ।
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भालू के हमले से बचने की चक्कर में पहाड़ी से गिरे वनकर्मी
फंदे में मादा भालू का अगला पैर और दोनों बच्चों के सिर फंदे में फंसे थे। मादा भालू का हाथ और एक शावक का सिर फंदे से निकाल लिया गया। जबकि दूसरे बच्चे का गला फंदे में कस जाने से उसकी मौत हो गई। फंदे से निकालने के बीच ही मादा भालू को होश हो गया और वह इधर-उधर भागने लगी। मादा भालू से बचने की कोशिश में रेंजर व अन्य वनकर्मी मौके से भागे। रेंजर सपना मुखर्जी सहित आठ वनकर्मी पहाड़ी में गिर गए और चोटिल हो गए। हालांकि किसी को भी गंभीर चोटें नहीं आई हैं।