छत्तीसगढ़ः दो मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर, पांच कमांडो घायल
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छत्तीसगढ़ में धमाके और मुठभेड़ के बीच सोमवार को भारी मतदान हुआ। वहीं, मतदान के बीच बीजापुर के पामेड़ में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में पांच नक्सली ढेर हो गए, जबकि पांच कोबरा कमांडो घायल हुए। इसके अलावा सुकमा में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए। साथ ही उनके पास से राइफल्स बरामद किए गए।
सीआरपीएफ की विशिष्ट इकाई कमांडो बटालियन फॉर रिसोल्यूट एक्शन (कोबरा) की टीम मतदान के लिए गश्त पर थी। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें दो कमाडो घायल हो गए। थोड़ी देर बाद माजिगुडा गांव के पास नक्सलियों ने टीम पर फिर फायरिंग कर दी। इसमें तीन कमाडो घायल हो गए।
दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया
इससे पहले नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के केतकल्याण ब्लॉक के तुमाकपाल कैंप के पास सुबह 5:30 बजे आईईडी विस्फोट कर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया, लेकिन उनके मंसूबे नाकाम हो गए। धमाकों में चुनावकर्मियों और सुरक्षा बलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और पार्टी सुरक्षित नयनार मतदान बूथ पर पहुंच गई।
धमाके-मुठभेड़ के बीच छत्तीसगढ़ में भारी मतदान
पहले चरण में नक्सल प्रभावित आठ जिलों की 18 सीटों पर 70 फीसदी से ज्यादा मतदान ने साबित कर दिया कि बैलेट की ताकत बुलेट पर भारी पड़ी। नक्सलियों की धमकी का लोगों पर कोई असर नहीं दिखा और सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें लगने लगी थीं। बस्तर की सात और राजनांदगांव की एक सीट पर सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक और बाकी आठ सीटों पर सुबह 8 से शाम 5 बजे तक वोटिंग हुई। शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए एक लाख जवानों को तैनात किया गया था।
सुकमा के पालाम अडगु गांव में 15 वर्ष में पहली बार लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने बताया कि कोंटा विधानसभा क्षेत्र के सेंदुरगुडा में 2013 में केवल पांच लोगाें ने वोट दिया था। इस बार 300 से ज्यादा लोगों ने वोट डाला। वहीं, पिछली बार जहां भेज्जी-2 और गोरखा मतदान केंद्र में एक भी व्यक्ति ने वोट नहीं दिया था, इस बार वहां भी लोगों ने मतदान किया।