फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Chhattisgarh first Gau Mata Muktidham constructed in Balrampur Ramanujganj

CG: रामानुजगंज में बना प्रदेश का पहला गौ माता मुक्तिधाम, गोवंश होता है विधि-विधान से अंतिम संस्कार; जानें नियम

Thu, 15 Feb 2024 05:31 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज Published by: श्याम जी. Updated Thu, 15 Feb 2024 05:31 PM IST
सार

बलरामपुर रामानुजगंज में छत्तीसगढ़ के पहले गौ माता मुक्तिधाम का निर्माण हुआ है। यहां अब तक सैकड़ों गोवंश का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। इसके लिए  गोवंश के मालिक से ढाई मीटर कपड़ा, 10 किलो नमक और अगरबत्ती ली जाती है। 
 

विज्ञापन
Chhattisgarh first Gau Mata Muktidham constructed in Balrampur Ramanujganj
गौ माता मुक्तिधाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलरामपुर रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 3 रिंग रोड में गौ माता मुक्तिधाम का निर्माण नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल की पहल पर हुआ है। यहां नगर पंचायत के द्वारा अब तक सैकड़ों गोवंश का अंतिम संस्कार विधि-विधान से निशुल्क किया जा चुका है। गोवंश पालकों के लिए गोवंश की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार बहुत ही परेशानी का सबब बन जाता था।

विज्ञापन


गौरतलब है कि नगर के वार्ड क्रमांक 1 से लेकर 15 तक में बड़ी संख्या में नगरवासियों के द्वारा गोवंश का पालन-पोषण किया जाता है। उनके सामने समस्या तब खड़ी हो जाती थी, जब गोवंश की मृत्यु हो जाती थी। गोवंश का कफन-दफन का कार्य बहुत ही कठिन हो जाता था। गोवंश के मालिकों को गोवंश के कफन-दफन में 1500 से लेकर दो हजार रुपये खर्च होते थे। वह भी गौ माता को दफन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। जगह नहीं मिल पाता था कई बार तो जहां-जहां गोवंश को दफन किया गया। यहां तक की कई बार खुले में भी गोवंश को फेंक दिया गया था। 
विज्ञापन


इस बीच नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल की पहल पर नगर के वार्ड क्रमांक 3 में गौ माता मुक्तिधाम का निर्माण कराया गया, जहां विधि-विधान से गोवंश का कफन-दफन किया जाता है। नगर पंचायत की सफाई दरोगा बेचू प्रजापति ने बताया कि अब तक सैकड़ों गोवंश का कफन-दफन का कार्य नगर पंचायत के द्वारा किया जा चुका है। गोवंश के मालिक से ढाई मीटर कपड़ा, 10 किलो नमक और अगरबत्ती लिया जाता है, ताकि विधि-विधान से गोवंश का कफन-दफन का कार्य किया जा सके। नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल की पहल पर करीब छह माह पहले गौ माता मुक्तिधाम बनवाया गया, जो छत्तीसगढ़ का पहला गौ माता मुक्तिधाम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कहा कि नगर पंचायत के सभी पार्षदों की सहमति से नगर के वार्ड क्रमांक 3 में गौ माता मुक्तिधाम बनवाया गया। कई गोवंश पलकों ने गोवंश की मृत्यु के बाद उसके कफन-दफन में आ रही परेशानी से अवगत कराया था, जो पूरे नगर वासियों के लिए चिंता का विषय था। इसके बाद गौ माता मुक्तिधाम बनवाया गया, जहां नगर पंचायत द्वारा पूरी तरह निशुल्क रूप से गौ माता का अंतिम संस्कार  किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed