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गोधन न्याय योजना की राशि 8 अक्तूबर को:CM भूपेश ट्रांसफर करेंगे 8.13 करोड़, ब्रह्मास्त्र-जीवामृत से 10 लाख आय
Tue, 04 Oct 2022 04:33 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 04 Oct 2022 04:33 PM IST
सार
गोधन न्याय योजना के तहत राज्य सरकार गौठानों में 2 रुपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी कर रही है। योजना के तहत अब तक हितग्राहियों को 342 करोड़ 41 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसमें 18 करोड़ रुपए का बोनस भी शामिल है।
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भूपेश बघेल
- फोटो : Social media
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 8 अक्तूबर को ऑनलाइन राशि का भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वर्चुअली कार्यक्रम में पशुपालकों, गौठानों से जुड़ी महिलाओं और गौठान समितियों को 8 करोड़ 13 लाख रुपए की राशि का भुगतान करेंगे। इसमें 16 सितंबर से 30 सितंबर तक पशुपालकों, किसानों और भूमिहीनों से खरीदे गए 2.67 क्विंटल गोबर की एवज में 5.34 करोड़, गौठानों समितियों को 1.69 करोड़ और महिला समूहों को 1.11 करोड़ रुपए का भुगतान शामिल है।
सरकार ने 4 रुपए में 53,231 लीटर गोमूत्र खरीदा
राज्य सरकार शुरुआती दौर में 77 गौठानों से 4 रुपए प्रति लीटर की दर से 53231 लीटर गौमूत्र खरीद चुकी है। इससे 30,940 लीटर कीट नियंत्रक ब्रह्मास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत तैयार किया गया है। इसमें से 22,528 लीटर की बिक्री से 10.05 लाख रुपए की आय हुई है।
कंपोस्ट खाद से समूहों को मिले 81.84 करोड़
गौठानों में महिला समूहों ने 18.38 लाख क्विंटल वर्मी कंपोस्ट, 5.35 लाख क्विंटल से अधिक सुपर कंपोस्ट और 18,924 क्विंटल सुपर कंपोस्ट प्लस खाद का निर्माण कर चुकी हैं। इसे सोसायटी के माध्यम से 10 रुपए, 6 रुपए और 6.50 रुपए प्रतिकिलो की दर से बेचा जा रहा है। इसके अलावा महिला समूह गोबर से गो-कास्ट, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां और अन्य सामग्रियां बनाकर बेच रही हैं। इससे महिला समूहों को अब तक 81.84 करोड़ रुपए की आय हो चुकी हैं।
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गोधन न्याय से 2.89 लाख पशुपालकों को फायदा
राज्य में गोधन के संरक्षण और संर्वधन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। गौठानों में पशुधन देख-रेख, उपचार एवं चारे-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंध है। राज्य में अब तक 10,624 गांवों में गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इसमें से 8408 गौठान निर्मित और 1758 गौठान निर्माणाधीन है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 89 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसानों को फायदा हो रहा है। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 46 प्रतिशत महिलाएं हैं।
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सरकार ने 4 रुपए में 53,231 लीटर गोमूत्र खरीदा
राज्य सरकार शुरुआती दौर में 77 गौठानों से 4 रुपए प्रति लीटर की दर से 53231 लीटर गौमूत्र खरीद चुकी है। इससे 30,940 लीटर कीट नियंत्रक ब्रह्मास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत तैयार किया गया है। इसमें से 22,528 लीटर की बिक्री से 10.05 लाख रुपए की आय हुई है।
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कंपोस्ट खाद से समूहों को मिले 81.84 करोड़
गौठानों में महिला समूहों ने 18.38 लाख क्विंटल वर्मी कंपोस्ट, 5.35 लाख क्विंटल से अधिक सुपर कंपोस्ट और 18,924 क्विंटल सुपर कंपोस्ट प्लस खाद का निर्माण कर चुकी हैं। इसे सोसायटी के माध्यम से 10 रुपए, 6 रुपए और 6.50 रुपए प्रतिकिलो की दर से बेचा जा रहा है। इसके अलावा महिला समूह गोबर से गो-कास्ट, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां और अन्य सामग्रियां बनाकर बेच रही हैं। इससे महिला समूहों को अब तक 81.84 करोड़ रुपए की आय हो चुकी हैं।
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गोधन न्याय से 2.89 लाख पशुपालकों को फायदा
राज्य में गोधन के संरक्षण और संर्वधन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। गौठानों में पशुधन देख-रेख, उपचार एवं चारे-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंध है। राज्य में अब तक 10,624 गांवों में गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इसमें से 8408 गौठान निर्मित और 1758 गौठान निर्माणाधीन है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 89 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसानों को फायदा हो रहा है। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 46 प्रतिशत महिलाएं हैं।