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गोवर्धन पूजा में छत्तीसगढ़ के सीएम बघेल ने क्यों खाए कोड़े, जानें इसके पीछे की वजह
Sun, 15 Nov 2020 12:23 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 15 Nov 2020 12:23 PM IST
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कोड़े खाते सीएम बघेल
- फोटो : Twitter/@bhupeshbaghel
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम जंजगिरी, कुम्हारी पहुंचे। इस दौरान सीएम बघेल ने यहां पहुंचकर सबकी मंगलकामना के लिए सांटा (कोड़ा) का प्रहार झेलने की परंपरा निभाई। मुख्यमंत्री हर साल यहां पर गोवर्धन पूजा के लिए आते हैं और इस परंपरा को निभाते हैं।
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इस परंपरा में सांटे से प्रहार करने का काम गांव के बुजुर्ग भरोसा ठाकुर करते थे। हालांकि, इस वर्ष उनका देहांत हो गया। उनके बाद इस परंपरा के अनुसार सांटा मारने का कार्य उनके बेटे बीरेंद्र ठाकुर ने किया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए निभाई जाती है।
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हमेशा की तरह इस बार भी आज दुर्ग जिले के ग्राम जजंगिरी, कुम्हारी पहुंचकर सबकी मंगलकामना के लिए सांटा का प्रहार झेलने की परंपरा निभाई। यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए मनाई जाती है। pic.twitter.com/w2XldUGinG
विज्ञापन विज्ञापन— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) November 15, 2020
संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि मुझे इस बात बेहद अफसोस है कि इस बार पूजा में भरोसा ठाकुर हम सबके बीच नहीं है। लेकिन इस बात की खुशी हो रही है कि उनके सुपुत्र बीरेंद्र, उनका परिवार और जजंगिरी के निवासी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
सीएम बघेल ने कहा, 'इस बार दिवाली कोरोना संकट के बीच आई है। इसलिए मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि वे हमेशा मास्क पहनें, साबुन से हाथ धोएं और सामाजिक दूरी का पालन करें। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुम्हारी में गौरा गौरी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।'