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Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ में महंगी होगी शराब, गोबर के बाद अब भूपेश सरकार का गोमूत्र पर फोकस
Thu, 14 Jul 2022 07:39 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 14 Jul 2022 07:39 PM IST
सार
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के आबकारी राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए शराब पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। पहले अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 5 रुपये प्रति बोतल शराब था, जो अब 10 रुपये होगा।
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शराब होगी महंगी।
- फोटो : iStock
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में अब जल्दी ही शराब महंगी हो जाएगी, क्योंकि राज्य सरकार ने मादक पेय पदार्थों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। राज्य मंत्री मोहम्मद अकबर ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को दिन में हुई कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण फैसले भी कैबिनेट की बैठक में लिए गए।
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उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के आबकारी राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए शराब पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। पहले अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 5 रुपये प्रति बोतल शराब था, जो अब 10 रुपये होगा। राज्य मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि कैबिनेट ने गोशालाओं के विकास को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि उनको सरकार ग्रामीण औद्योगिक पार्कों के रूप में विकसित करना चाहती है।
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मछली पालन नीति को लेकर भी हुआ फैसला
छत्तीसगढ़ सरकार में वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि कैबिनेट ने मछली पालन नीति को लेकर भी फैसला लिया है। कैबिनेट की बैठक में मौजूदा मछली पालन नीति की जगह नई मत्स्य पालन नीति को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि इसका विवरण 20 जुलाई से होने वाली राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।
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मंत्री ने आगे बताया प्रदेश में स्वीकृत सहायक आरक्षकों के पदों को समाप्त कर डिस्ट्रिक्ट स्ट्राइक फोर्स संवर्ग के सृजन की स्वीकृत के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इससे पुलिस विभाग के सहायक आरक्षकों के वेतन संबंधी विसंगति को दूर होगी और प्रदेश के समस्त सहायक आरक्षकों को नियमित वेतनमान प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने मुख्यमंत्री के स्वैच्छिक अनुदान की सीमा 40 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 70 करोड़ रुपये सालाना करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। अन्य निर्णयों में मंत्रि-परिषद ने एचवी-4 श्रेणी के इस्पात उद्योग के अंतर्गत एकल रोलिंग मिलों को राज्य सरकार के विशेष राहत पैकेज के तहत अगले वर्ष 1 जुलाई से 31 मार्च तक ऊर्जा उपकर में रियायत प्रदान करने का निर्णय लिया है ताकि आर्थिक मंदी की चुनौतियों में प्रतिस्पर्धा के बावजूद बरकरार रह सके।
अकबर ने यह भी कहा कि मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ मंत्री (वेतन एवं भत्ता) अधिनियम, 1972 के तहत छत्तीसगढ़ भूजल (प्रबंधन एवं नियमन) विधेयक-2022 और संशोधन विधेयक, 2022 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है।
गोमूत्र भी खरीदेगी सरकार
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार गोमूत्र खरीदने की भी योजना बना रही है। इस बारे में अधिकारियों ने बताया है कि सरकार इस योजना के तहत पायलट प्रोजक्ट की शुरुआत राज्य के उत्तरी जिलों से करेगी। जहां अगले कुछ हफ्तों में इसका आरंभ हो जाएगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार पहले से ही गौधन न्याय योजना के तहत किसानों से गोबर खरीद रही है ताकि पशुपालन को आर्थिक लाभ वाले व्यापार से जोड़ा जा सके।
सरकार ने गोमूत्र की खरीदारी करने का निर्णय इसी साल फरवरी के महीने में लिया था। तब सरकार ने इस योजना के कार्यान्वयन के लिए कमेटी भी बनाई थी। इस कमेटी को गोमूत्र खरीदारी के तरीके और योजना को लेकर पूरी तरह से शोध करके सरकार को रिपोर्ट सौंपनी थी। कमेटी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को जल्द ही मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। कमेटी के मुताबिक, गोमूत्र की कीमत 4 रुपये प्रति लीटर होगी। गोमूत्र ग्राम गौधन समिति के जरिए खरीदा जाएगा।