Chhattisgarh Budget: छत्तीसगढ़ में बजट सत्र का आगाज, राज्यपाल बोलीं- सरकार ने खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर ध्यान दिया
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया। यह 25 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सदन की 13 बैठकें होंगी। नौ मार्च को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बतौर वित्त मंत्री राज्य का बजट पेश करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आज से छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का आगाज हो गया। सदन की शुरुआत राज्यपाल अनुसुईया उइके के अभिभाषण से हुई। राज्यपाल के अभिभाषण में 55 बिंदु थे। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के दौरान बघेल सरकार के कामों की तारीफ की। हालांकि इस दौरान भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल बीच में बार-बार रोकने की कोशिश कर रहे थे। राज्यपाल अपने अभिभाषण के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती के क्षेत्र में खासा ध्यान दिया है। प्रदेश के 14 आदिवासी बहुल जिलों में चिराग योजना शुरू हुईं है, इससे इन अंचलों में आजीविका के नए अवसर मिलेंगे। जैविक खेती को राज्य सरकार बढ़ावा दे रही है। गोबर से जैविक खाद बनाया जा रहा है ताकि रासायनिक खाद की कमी से निपटा जा सके।
राज्यपाल ने की सरकार की प्रशंसा
राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने पुलिस बल को विश्वास-विकास-सुरक्षा का मंत्र दिया है। जिसके परिणामस्वरूप पुलिस जनता को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ नागरिकों का मनोबल बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे के काम को सुविधाजनक बनाने में भी अपना योगदान दे रही है। राज्यपाल ने कहा कि कई प्रयासों ने नक्सल हिंसा की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने में मदद की है। 46 नक्सलियों को बेअसर करने और 555 उग्रवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में सफलता मिली है. इस तरह राज्य में शांति व्यवस्था का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। हर क्षेत्र में विकास गतिविधियों का भी विस्तार हो रहा है।
राज्य सरकार ने हवाई अड्डों को विकसित करने पर किया काम
राज्यपाल ने कहा कि उड्डयन बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए, राज्य सरकार ने कोरिया जिले में एक नई हवाई पट्टी और कोरबा जिले में एक वाणिज्यिक हवाई अड्डा विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, मां महामाया हवाई अड्डे, अंबिकापुर दरिमा (सरगुजा जिला) के रनवे के विकास के लिए 43.98 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है और हवाईअड्डा लाइसेंस प्राप्त होने के बाद घरेलू उड़ानें शुरू होंगी। राज्यपाल ने कहा कि रायपुर में स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस और अंतरराष्ट्रीय कार्गो सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।