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नर्सिंग शिक्षा: छत्तीसगढ़ के 30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर संकट, 23 अक्तूबर तक कमियां दूर करने की चेतावनी
Mon, 19 Oct 2026 03:02 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Mon, 19 Oct 2026 03:02 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के 30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता अटकने से चालू शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। काउंसिल ने संस्थानों को कमियां दूर कर 23 अक्तूबर तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
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फाइल फोटो।
विस्तार
छत्तीसगढ़ के नर्सिंग कॉलेजों में मान्यता की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण चालू शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने मानकों का पालन न करने वाले 30 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रोक रखी है। काउंसिल ने दावे-आपत्तियों के निराकरण के बाद शनिवार को काउंसलिंग के लिए पात्र 122 कॉलेजों की अंतिम सूची जारी की थी।
दूसरी ओर, 30 संस्थानों की मान्यता संबंधी प्रक्रिया अब भी अटकी हुई है। काउंसिल ने इनमें से 17 कॉलेजों के उपयुक्तता नवीनीकरण के आवेदन निरस्त कर दिए हैं, जबकि 13 संस्थानों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
काउंसिल ने इन सभी 30 कॉलेजों को अपनी कमियां दूर करके 23 अक्तूबर तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में संतोषजनक रिपोर्ट न मिलने पर काउंसिल चालू सत्र में इन कॉलेजों को मान्यता नहीं देगी। मान्यता प्रक्रिया में देरी के कारण काउंसिल ने प्रवेश और काउंसलिंग की अंतिम समयसीमा 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी है।
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दाखिले पर संकट
प्रदेश के नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के सामने अब दाखिले की असमंजस स्थिति बनी हुई है। काउंसिल ने 122 पात्र कॉलेजों की सूची जारी कर आगे का रास्ता साफ किया है, लेकिन 30 कॉलेजों के लिए 23 अक्तूबर की तारीख सबसे महत्वपूर्ण है। जिन 17 कॉलेजों के आवेदन निरस्त हुए हैं और जिन 13 कॉलेजों ने आवेदन प्रस्तुत नहीं किया, उन्हें तय मानकों के तहत अपनी कमियां दूर करनी होंगी। यदि यह कॉलेज निर्धारित समयसीमा में कमियां दूर कर संतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करते, तो वे चालू सत्र में दाखिला देने का अवसर खो देंगे। काउंसिल ने प्रवेश की समयसीमा 31 अक्तूबर तय की है, जिससे संस्थानों को जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
जांच में उजागर कमियां
नर्सिंग कॉलेजों के भौतिक और प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान जांच दल ने फैकल्टी, संबद्ध अस्पतालों और ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी में कई खामियां पाई हैं। नर्सिंग शिक्षा के तय मानकों के अनुसार संस्थानों में शिक्षक और विद्यार्थी का 1:10 का अनुपात होना अनिवार्य है, लेकिन कुछ कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों और ट्यूटर की भारी कमी मिली। इसके अलावा कई संस्थान चालू शैक्षणिक सत्र के लिए संबद्ध अस्पतालों से संबंधित क्लिनिकल अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। निरीक्षण के दौरान कुछ कॉलेजों में पिछले सत्र की फीस रसीदें भी नहीं मिलीं। इन आवश्यक दस्तावेज की कमी के कारण ही काउंसिल ने मान्यता प्रक्रिया रोक दी है।
ये भी पढ़ें- रायपुर न्यूज: भाजयुमो नेता शुभांकर द्विवेदी गिरफ्तार; गुढ़ियारी थाने में घुसकर किया था हंगामा और तोड़फोड़
पोर्टल और भवन संबंधी खामियां
निरीक्षण के दौरान नेशनल रजिस्टर ऑफ ट्यूटर एंड स्टूडेंट्स पोर्टल पर अधूरी जानकारी का मामला भी सामने आया है। कई संस्थानों ने अपने शिक्षकों का पंजीयन और विद्यार्थियों के विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं किए थे। जांच में कुछ शिक्षकों का शैक्षणिक अनुभव एक वर्ष से कम मिला, जो तय मानकों के विपरीत है। इसके अतिरिक्त कई कॉलेज अपने भवन से संबंधित संपत्ति कर भुगतान की रसीदें भी प्रस्तुत नहीं कर पाए। काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि कॉलेजों को केवल शिक्षकों की संख्या ही नहीं, बल्कि उनका पंजीयन, अनुभव, अस्पतालों की अनुमति और भवन के वैधानिक दस्तावेज भी दुरुस्त करने होंगे। अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही काउंसिल इन कॉलेजों की मान्यता पर अंतिम निर्णय लेगी।
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दूसरी ओर, 30 संस्थानों की मान्यता संबंधी प्रक्रिया अब भी अटकी हुई है। काउंसिल ने इनमें से 17 कॉलेजों के उपयुक्तता नवीनीकरण के आवेदन निरस्त कर दिए हैं, जबकि 13 संस्थानों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
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काउंसिल ने इन सभी 30 कॉलेजों को अपनी कमियां दूर करके 23 अक्तूबर तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में संतोषजनक रिपोर्ट न मिलने पर काउंसिल चालू सत्र में इन कॉलेजों को मान्यता नहीं देगी। मान्यता प्रक्रिया में देरी के कारण काउंसिल ने प्रवेश और काउंसलिंग की अंतिम समयसीमा 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी है।
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दाखिले पर संकट
प्रदेश के नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के सामने अब दाखिले की असमंजस स्थिति बनी हुई है। काउंसिल ने 122 पात्र कॉलेजों की सूची जारी कर आगे का रास्ता साफ किया है, लेकिन 30 कॉलेजों के लिए 23 अक्तूबर की तारीख सबसे महत्वपूर्ण है। जिन 17 कॉलेजों के आवेदन निरस्त हुए हैं और जिन 13 कॉलेजों ने आवेदन प्रस्तुत नहीं किया, उन्हें तय मानकों के तहत अपनी कमियां दूर करनी होंगी। यदि यह कॉलेज निर्धारित समयसीमा में कमियां दूर कर संतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करते, तो वे चालू सत्र में दाखिला देने का अवसर खो देंगे। काउंसिल ने प्रवेश की समयसीमा 31 अक्तूबर तय की है, जिससे संस्थानों को जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
जांच में उजागर कमियां
नर्सिंग कॉलेजों के भौतिक और प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान जांच दल ने फैकल्टी, संबद्ध अस्पतालों और ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी में कई खामियां पाई हैं। नर्सिंग शिक्षा के तय मानकों के अनुसार संस्थानों में शिक्षक और विद्यार्थी का 1:10 का अनुपात होना अनिवार्य है, लेकिन कुछ कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों और ट्यूटर की भारी कमी मिली। इसके अलावा कई संस्थान चालू शैक्षणिक सत्र के लिए संबद्ध अस्पतालों से संबंधित क्लिनिकल अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। निरीक्षण के दौरान कुछ कॉलेजों में पिछले सत्र की फीस रसीदें भी नहीं मिलीं। इन आवश्यक दस्तावेज की कमी के कारण ही काउंसिल ने मान्यता प्रक्रिया रोक दी है।
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पोर्टल और भवन संबंधी खामियां
निरीक्षण के दौरान नेशनल रजिस्टर ऑफ ट्यूटर एंड स्टूडेंट्स पोर्टल पर अधूरी जानकारी का मामला भी सामने आया है। कई संस्थानों ने अपने शिक्षकों का पंजीयन और विद्यार्थियों के विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं किए थे। जांच में कुछ शिक्षकों का शैक्षणिक अनुभव एक वर्ष से कम मिला, जो तय मानकों के विपरीत है। इसके अतिरिक्त कई कॉलेज अपने भवन से संबंधित संपत्ति कर भुगतान की रसीदें भी प्रस्तुत नहीं कर पाए। काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि कॉलेजों को केवल शिक्षकों की संख्या ही नहीं, बल्कि उनका पंजीयन, अनुभव, अस्पतालों की अनुमति और भवन के वैधानिक दस्तावेज भी दुरुस्त करने होंगे। अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही काउंसिल इन कॉलेजों की मान्यता पर अंतिम निर्णय लेगी।