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Chhattisgarh: बीते साढ़े तीन वर्षों में भिलाई स्टील प्लांट में हुए 22 हादसे, 15 मजदूरों की मौत हो गई
Fri, 22 Jul 2022 10:54 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 22 Jul 2022 10:54 PM IST
सार
राज्य मंत्री शिवकुमार डहरिया (Shivkumar Dahariya) ने बताया कि भिलाई स्टील प्लांट में हुए 22 हादसों में कम से कम 15 श्रमिकों की मौत हो गई और 9 संविदा कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में से 12 ठेका मजदूर थे, जबकि तीन नियमित कर्मचारी (Bhilai Steel Plant) थे।
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भिलाई कारखाने में आग
- फोटो : PTI (File)
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई स्टील प्लांट (Bhilai Steel Plant) में पिछले साढ़े तीन साल में हुए हादसों में कम से कम 15 श्रमिकों की मौत हो गई और नौ घायल हो गए। राज्य मंत्री शिवकुमार डहरिया (Shivkumar Dahariya) ने शुक्रवार को विधानसभा को इसकी जानकारी दी।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव (Congress MLA Devnendra Yadav) के एक सवाल का जवाब राज्य के श्रम मंत्री ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट में हुई 22 दुर्घटनाओं की जांच से पता चला कि संयंत्र प्रबंधन ने कार्य में शामिल खतरों का आकलन किए बिना श्रमिकों को नियोजित किया था।
भिलाई नगर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले यादव ने 2019 से जून 2022 तक भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में हुई दुर्घटनाओं और उनमें मारे गए या घायल हुए नियमित और ठेका मजदूरों की संख्या की जानकारी मांगी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या संयंत्र ने अनुकंपा के आधार पर इन घटनाओं में मारे गए संविदा कर्मियों के परिजनों को नौकरी दी।
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डहरिया ने कहा, इस दौरान भिलाई स्टील प्लांट में हुए 22 हादसों में कम से कम 15 श्रमिकों की मौत हो गई और 9 संविदा कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में से 12 ठेका मजदूर थे, जबकि तीन नियमित कर्मचारी (भिलाई स्टील प्लांट के) थे।
'खतरों का आकलन किए बगैर श्रमिको को किया था नियोजित'
मंत्री ने कहा, एक जांच के बाद यह पाया गया कि संयंत्र प्रबंधन के कार्य में शामिल खतरों का आकलन किए बिना श्रमिकों को नियोजित किया गया था जिससे एक असुरक्षित प्रक्रिया अपनाई गई जिसके परिणामस्वरूप दुर्घटनाएं हुईं।
उन्होंने आगे कहा कि कारखाना अधिनियम 1948 के तहत संबंधित संयंत्र प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वह अपनी सुविधा में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा ध्यान रखे।
मृतकों के आश्रितों को नौकरी का प्रावधान नहीं : डहरिया
डहरिया ने कहा कि श्रम कानूनों के तहत कारखानों में मृत श्रमिकों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का कोई प्रावधान नहीं था। हालांकि श्रम विभाग मृतक श्रमिकों के आश्रितों को नौकरी सुनिश्चित करने के लिए मानवीय आधार पर पहल करता है।
मंत्री ने आगे बताया कि भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन कंपनी की नीति के अनुसार अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां करता है। डहरिया ने कहा कि 2019 से जून 2022 के बीच मरने वाले 15 मजदूरों में चार मृतक ठेका मजदूरों के आश्रितों और दो नियमित श्रमिकों को भिलाई स्टील प्लांट ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी थी।
इस बीच, यादव ने मंत्री से सुरक्षा मानकों की जांच के लिए भिलाई स्टील प्लांट का नियमित निरीक्षण करने के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित करने का अनुरोध किया। भिलाई स्टील प्लांट भारत सरकार के उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की प्रमुख इकाई है।
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प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव (Congress MLA Devnendra Yadav) के एक सवाल का जवाब राज्य के श्रम मंत्री ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट में हुई 22 दुर्घटनाओं की जांच से पता चला कि संयंत्र प्रबंधन ने कार्य में शामिल खतरों का आकलन किए बिना श्रमिकों को नियोजित किया था।
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भिलाई नगर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले यादव ने 2019 से जून 2022 तक भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में हुई दुर्घटनाओं और उनमें मारे गए या घायल हुए नियमित और ठेका मजदूरों की संख्या की जानकारी मांगी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या संयंत्र ने अनुकंपा के आधार पर इन घटनाओं में मारे गए संविदा कर्मियों के परिजनों को नौकरी दी।
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डहरिया ने कहा, इस दौरान भिलाई स्टील प्लांट में हुए 22 हादसों में कम से कम 15 श्रमिकों की मौत हो गई और 9 संविदा कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में से 12 ठेका मजदूर थे, जबकि तीन नियमित कर्मचारी (भिलाई स्टील प्लांट के) थे।
'खतरों का आकलन किए बगैर श्रमिको को किया था नियोजित'
मंत्री ने कहा, एक जांच के बाद यह पाया गया कि संयंत्र प्रबंधन के कार्य में शामिल खतरों का आकलन किए बिना श्रमिकों को नियोजित किया गया था जिससे एक असुरक्षित प्रक्रिया अपनाई गई जिसके परिणामस्वरूप दुर्घटनाएं हुईं।
उन्होंने आगे कहा कि कारखाना अधिनियम 1948 के तहत संबंधित संयंत्र प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वह अपनी सुविधा में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा ध्यान रखे।
मृतकों के आश्रितों को नौकरी का प्रावधान नहीं : डहरिया
डहरिया ने कहा कि श्रम कानूनों के तहत कारखानों में मृत श्रमिकों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का कोई प्रावधान नहीं था। हालांकि श्रम विभाग मृतक श्रमिकों के आश्रितों को नौकरी सुनिश्चित करने के लिए मानवीय आधार पर पहल करता है।
मंत्री ने आगे बताया कि भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन कंपनी की नीति के अनुसार अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां करता है। डहरिया ने कहा कि 2019 से जून 2022 के बीच मरने वाले 15 मजदूरों में चार मृतक ठेका मजदूरों के आश्रितों और दो नियमित श्रमिकों को भिलाई स्टील प्लांट ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी थी।
इस बीच, यादव ने मंत्री से सुरक्षा मानकों की जांच के लिए भिलाई स्टील प्लांट का नियमित निरीक्षण करने के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित करने का अनुरोध किया। भिलाई स्टील प्लांट भारत सरकार के उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की प्रमुख इकाई है।