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छत्तीसगढ़ पुलिस को मिली सफलता: दंतेवाड़ा में एक लाख रुपये के इनामी नक्सली समेत 11 अन्य ने किया आत्मसमर्पण
Thu, 29 Jul 2021 09:19 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, दंतेवाड़ा
एजेंसी, दंतेवाड़ा
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 29 Jul 2021 09:19 AM IST
सार
- सरेंडर करने वाले नक्सलियों में प्रत्येक को 10,000 रुपये की सहायता दी गई
- जून 2020 में घर वापसी पहल की शुरुआत के बाद से जिले में 397 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
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छत्तीसगढ़ के नक्सलियों का आत्मसमर्पण
- फोटो : Ani
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में एक लाख रुपये के इनामी नक्सली समेत 11 अन्य ने आत्मसमर्पण किया। जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बुधवार को बताया, मलंगीर एरिया कमेटी से जुड़े नक्सलियों ने मारे गए साथियों के लिए मनाए जा रहे ‘शहीद सप्ताह’ के दौरान किरंदुल पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया।
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उन्होंने बताया, सरेंडर करने वाले नक्सलियों में प्रत्येक को 10,000 रुपये की सहायता दी गई और उन्हें सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत दूसरी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जून 2020 में लोन वरातु (घर वापसी) पहल की शुरुआत के बाद से जिले में 397 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
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बता दें कि पिछले सप्ताह भी छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में वर्ष 2015 में विस्फोट करने वाले दो आरोपियों सहित चार नक्सलियों ने थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था। पुलिस अधिकारी ने बताया था कि रायपुर से करीब 340 किलोमीटर दूर दंतेवाड़ा के किरंदुल पुलिस थाने में एक महिला समेत चारों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
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दांतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने कहा कि चारों आरोपियों में से भीमा मरकाम उर्फ पांडु (40) और ललिता तामो (27) ने 13 अप्रैल 2015 को चोलनार इलाके में पुलिस के वाहन में धमाका करके उड़ा दिया था जिसमें पांच पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। अन्य दो, मोटू मरकाम (40) और बामन रण कुंजाम (31) 2013 में एक मतदान दल पर हमले के साथ-साथ अन्य घटनाओं के लिए वांछित थे। उन्होंने कहा कि चारों ने आत्मसमर्पण कर दिया क्योंकि वे पुलिस के पुनर्वास अभियान 'लोन वरातु' से प्रभावित थे।