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36 घंटे: अंतिम संस्कार के इंतजार में युवती का शव, हैरान करती वजह

Tue, 03 Nov 2015 03:39 PM IST
Updated Tue, 03 Nov 2015 03:39 PM IST
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Chhatisgarh: body of a girl waiting in 36 hours for the funeral

पंचायतों के तुगलकी फरमान जब तब देशभर में सुर्खियां बनते रहे हैं लेकिन छत्तीसगढ़ की एक पंचायत ने तो ऐसा फरमान सुना दिया कि सुनने वाले भी हैरान रह जाएं। राज्य के आदिवासी बहुल जसपुर जिले में पंचायत का यह फरमान सामाजिक कलंक की नई मिसाल बनकर सामने आया है।

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जहां एक आदिवासी लड़की का शव पिछले 36 घंटे से अंतिम संस्कार के इंतजार में घर के आंगन में पड़ा है, लेकिन ग्रामीण उसे होने नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने उक्त परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर रखा है जिसे वापस लेने के लिए उनसे 13 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
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गरीब परिवार परेशान है कि वह इतनी रकम का इंतजाम कहां से करे। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार जसपुर जिले के टपकारा ब्लॉक में गुरुवार शाम को 19 साल की अल्फा टिर्की ने प्रेमी से बहस के बाद आत्महत्या कर ली थी।
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बहिष्कार वापस लेने के लिए मांगे 13 हजार रुपये

Chhatisgarh: body of a girl waiting in 36 hours for the funeral

जानकारी के अनुसार छह महीने पहले अल्फा के गांव के ही दूसरी जाति के एक युवक से प्रेम संबंध हो गए थे। जिसके विरोध में गांव वालों ने परिवार के सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला किया था।

युवती की मां एलीजाबेथ ने बताया की गांव की पंचायत के अुनसार दूसरी जाति में प्रेम संबंधों पर 8 हजार रुपये और एक ही जाति में प्रेम संबंध होने पर 35 सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। उन पर दोनों ही जुर्माने लगाए गए। न चुकाने पर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।

जब तक यह जुर्माना नहीं चुकाया जाएगा तक परिवार का बहिष्कार वापस नहीं होगा। एलीजाबेथ ने बताया कि उसके पति बीमार रहते हैं ऐसे में वो यह जुर्माना चुका पाने की स्थिति में नहीं हैं।

8 हजार का ही इंतजाम कर पाया परिवार

Chhatisgarh: body of a girl waiting in 36 hours for the funeral

जब अल्फा ने प्रेमी भीम तमरकार से बहस के बाद खुद को फांसी पर लटका लिया तब कोई भी उसकी मदद के लिए नहीं आया। संवदेनहीनता की इंतहा इस कदर थी कि युवती की मौत के बाद कोई भी उसका अंतिम संस्कार करवाने के लिए तैयार नहीं हुआ।

इसके विपरीत गांव वालों ने उनके सामने अंतिम संस्कार में सहयोग और सामजिक बहिष्कार वापस लेने के लिए 13 हजार रुपये की मांग कर दी। युवती की मां ‌एलिजाबेथ ने बताया कि पूरे प्रयास के बाद भी हम 8 हजार रुपये का ही इंतजाम कर पाए। बेटी का शव 36 घंटे रखे रहने के बाद ग्रामीणों ने हमें 5 हजार रुपये की राहत दे दी।

वहीं तपकारा पुलिस का कहना है कि वह मामले की जांच कर रही है। उन्‍हें जुर्माने के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। न ही अभी किसी ने इस संबंध में शिकायत नहीं की है।

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