वोटिंग के बाद भी मुश्किल में फंस सकती है AAP उम्मीदवार
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छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहले चरण के लोकसभा चुनाव में मतदान करीब 52 प्रतिशत रहा। गुरूवार को मतदान के दौरान सात जगहों पर नक्सलियों ने फायरिंग की और कुछ जगहों पर आईईडी ब्लास्ट भी किए।
इन सबके बावजूद मतदान 50 फीसदी रहा जिसे अच्छा माना जा रहा है। बस्तर संसदीय क्षेत्र में मतदान के लिए कुल 1,797 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
53 मतदान केन्द्रों पर वेबकॉस्टिंग के जरिए आयोग ने मतदान की गतिविधियों पर नजर रखी। खराबी के कारण 26 ईवीएम को भी पदलना पड़ा।
हमेशा की तरह नक्सल प्रभावित ग्रामीण इलाकों में मतदान धीमा रह जबकि शहरी इलाकों में मतदान काफी तेजी से हुआ।
बस्तर का हाल
आपको बता दें कि बस्तर में मुख्य मुकाबला बीजेपी के उम्मीदवार और मौजूदा सांसद दिनेश कश्यप व कांग्रेस उम्मीदवार दीपक कर्मा के बीच है। दीपक कर्मा, महेश कर्मा के बेटे हैं जिनकी मृत्यु झीरम घाटी के हमले में हो गई थी।
आम आदमी पार्टी की ओर से सोनी सोढ़ी उम्मीदवार हैं जिन पर नक्सलियों के साथ काम करने का आरोप है। वे फिलहाल जमानत पर हैं, उनके मुताबिक पुलिस हिरासत में उनके ऊपर अमानीवीय जुल्म किए गए थे।
बस्तर लोकसभा क्षेत्र के चुनाव में दो महिला उम्मीदवारों सहित कुल आठ उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां पर मतदाताओं की कुल संख्या 12,98,971 है। इनमें कुल मतदाताओं में 6,65,290 महिला और 633,681 पुरुष मतदाता हैं।
बीजेपी की बनेगी सरकार: रमन सिंह
उधर छत्तीसगढ़ के सीएम रमन कुमार ने उम्मीद जताई कि इस बार सरकार बीजेपी की ही बनेगी। उन्होंने कहा कि अगर नक्सली हिंसा छोड़ कर चुनाव भी लड़ना चाहते हैं तो कोई दिक्कत नहीं है।
उन्होंने कहा कि हम नक्सलियों से चुनाव लड़ने की अपील कर चुके हैं, अगर वे हिंसा छोड़ लोकतंत्र का रास्ता अपनाएं तो इलाके में विकास का माहौल बनेगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद चार चुनाव हुए हैं जिनमें से तीन बार बीजेपी जीती है, इस बार तो मोदी लहर के चलते बीजेपी सभी 11 सीटों पर जीतेगी। उन्होंने कहा कि मोदी के पीएम बनने के बाद छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार बढ़ जाएगी।
टोपी पहन कर वोट के लिए पहुंचीं सोनी
आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार सोनी सोढ़ी पार्टी की टोपी पहन कर मतदान करने के लिए पहुंचीं। निर्वाचन अधिकारी ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना है। नक्सलियों ने चुनावों का बहिष्कार किया था और फायरिंग भी की थी। सोनी सोढ़ी ने जिस वक्त वोट डाला उस वक्त उस वक्त भी फायरिंग जारी थी।
बीबीसी के मुताबिक सोनी ने मतदान के दौरान सुरक्षा बलों पर उनके परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस और सीआरपीएफ़ के अधिकारियों ने इस मामले पर अनभिज्ञता जताई है और कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है।
गुरुवार को मतदान के बाद सोनी सोरी ने बीबीसी से कहा कि मतदान के दिन उनके भाई को सीआरपीएफ के लोगों ने पीटा और उनके भतीजे लिंगाराम कोड़ोपी को चार घंटे तक बिना वजह कैंप में रोक कर रखा गया।