Balod: श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष बोले- श्रमिकों के लिए भूपेश सरकार का बेहतर प्रदर्शन, दो लाख से अधिक पंजीयन
बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि 15 साल की सरकार में यह जो योजनाएं संचालित की, उससे बेहतर हमने दो अन्य ने योजनाओं की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 157000 श्रमिकों का पंजीयन कराया गया था और हमने वर्तमान में 200000 से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कराया है।
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छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष सफी अहमद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार की अपेक्षा भूपेश सरकार का काम बेहतर है। पिछले चार सालों में दो लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीयन करवाया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत जितनी भी योजनाएं संचालित हैं, उनमें प्रमुखता से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत 50 हजार से लेकर एक लाख तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। अध्यक्ष सफी अहमद रविवार को बालोद में चल रही योजनाओं को देखने पहुंचे थे। कहा कि, कुछ अधिकारियों की शिकायतें मिली हैं, उस पर ध्यान दे रहे हैं।
सात ठेकेदारों के खिलाफ मामला
श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष शफी अहमद ने बताया कि सात ऐसे ठेकेदार हैं, जिन्होंने नियमों की अनदेखी की और मिनिमम वेजेस का पालन नहीं किया। ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान छेड़ दिया गया है। बालोद जिले से सात ठेकेदारों के मामले न्यायालय में भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों से जो भी शिकायतें मिली हैं, उन्हीं के आधार पर यह सभी कार्रवाई की जा रही है।
साइकिल और मशीन के लिए आएगा पैसा
अध्यक्ष ने बताया कि आने वाले एक मई को मुख्यमंत्री जी मजदूरों के खाते में साइकिल और मशीन खरीदने के लिए पैसे हस्तांतरित करेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार मजदूरों, किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। हम चाहते हैं कि हर मजदूर को शासन के नियमों के हिसाब से लाभ मिलना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर मजदूरों का हक छीनने वाले के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
नवीन योजनाओं की शुरुआत
बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि 15 साल की सरकार में यह जो योजनाएं संचालित की, उससे बेहतर हमने दो अन्य ने योजनाओं की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 157000 श्रमिकों का पंजीयन कराया गया था और हमने वर्तमान में 200000 से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कराया है। पहली बार ऐसा हुआ है कि मजदूरों का हित करने वाले 700 संस्थानों के खिलाफ प्रकरण बनाए गए हैं। छात्रवृत्ति योजनाओं में भी बढ़ोतरी की गई है।