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छत्तीसगढ़: औद्योगिक भूमि प्रबंधन नियमों में किया बदलाव, अब आसानी से मिलेगी जमीन
Sat, 31 Oct 2026 03:48 PM IST
अमन कोशले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महासमुंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महासमुंद
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 31 Oct 2026 03:48 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक भूमि प्रबंधन नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत औद्योगिक भूखंडों का एकीकरण, उप-विभाजन और अतिरिक्त जमीन का उपयोग आसान होगा। जानिए उद्योगपतियों और निवेशकों को क्या सुविधाएं मिलेंगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में उद्योग स्थापित करने और औद्योगिक जमीन के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भूमि प्रबंधन नियमों में संशोधन किया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी है। नए प्रावधानों के तहत सरकार ने औद्योगिक भूखंडों के एकीकरण, उप-विभाजन, अतिरिक्त भूमि के उपयोग और अनुमति प्राप्त गतिविधियों से जुड़ी व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए हैं। इन संशोधनों से उद्योगपतियों और निवेशकों को औद्योगिक भूमि का उपयोग करने में सुगमता मिलेगी तथा औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि का समुचित इस्तेमाल संभव हो सकेगा।
भूमि प्रबंधन प्रक्रिया का सरलीकरण
छत्तीसगढ़ सरकार ने यह संशोधन भारत सरकार की डी-रेग्युलेशन टास्क फोर्स की अनुशंसाओं के अनुपालन में किया है। इसके अंतर्गत प्राथमिकता क्षेत्र-3 यानी भूमि उपयोग सुगमता से जुड़े सुझावों को लागू करने का प्रयास किया गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक जमीन के प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और उद्योगों के संचालन में सामने आने वाली अनावश्यक बाधाओं को दूर करना है। सरकार ने नए नियमों के माध्यम से औद्योगिक भूमि के आवंटन और इसके उपयोग को लेकर अधिक व्यावहारिक तथा पारदर्शी व्यवस्था विकसित की है।
भूखंडों का एकीकरण और उप-विभाजन
संशोधित नियमों में औद्योगिक भूखंडों के एकीकरण के लिए स्पष्ट प्रावधान शामिल किए गए हैं। निर्धारित शर्तों और तय प्रक्रिया के अनुसार अब उद्योगपति विभिन्न भूखंडों को एक साथ जोड़ सकेंगे। इस व्यवस्था से उन उद्योगों को विशेष लाभ पहुंचेगा, जिन्हें अपने व्यापार विस्तार के लिए बड़े भूखंड की आवश्यकता होती है। इससे अलग-अलग भूखंडों पर चल रही औद्योगिक गतिविधियों को एक ही परिसर में व्यवस्थित रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही नए नियमों के तहत औद्योगिक भूखंडों के उप-विभाजन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे आवश्यकतानुसार जमीन का उपयोग व्यवस्थित करने का रास्ता खुलेगा।
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अतिरिक्त भूमि और गतिविधियों की अनुमति
सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के पास मौजूद अतिरिक्त भूमि के उपयोग को लेकर भी नए नियम बनाए हैं। इसका मकसद औद्योगिक परिसरों में बिना उपयोग के पड़ी खाली जमीन का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। इसके अलावा भूमि प्रबंधन नियमों में अनुमति प्राप्त गतिविधियों से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में नई व्यवस्था की गई है। उद्योगपति अब अपनी आवश्यकता के अनुसार जरूरी सुविधाएं विकसित कर सकेंगे, हालांकि इसके लिए उन्हें निर्धारित नियमों और विभाग की अनुमति का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
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भूमि प्रबंधन प्रक्रिया का सरलीकरण
छत्तीसगढ़ सरकार ने यह संशोधन भारत सरकार की डी-रेग्युलेशन टास्क फोर्स की अनुशंसाओं के अनुपालन में किया है। इसके अंतर्गत प्राथमिकता क्षेत्र-3 यानी भूमि उपयोग सुगमता से जुड़े सुझावों को लागू करने का प्रयास किया गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक जमीन के प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और उद्योगों के संचालन में सामने आने वाली अनावश्यक बाधाओं को दूर करना है। सरकार ने नए नियमों के माध्यम से औद्योगिक भूमि के आवंटन और इसके उपयोग को लेकर अधिक व्यावहारिक तथा पारदर्शी व्यवस्था विकसित की है।
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भूखंडों का एकीकरण और उप-विभाजन
संशोधित नियमों में औद्योगिक भूखंडों के एकीकरण के लिए स्पष्ट प्रावधान शामिल किए गए हैं। निर्धारित शर्तों और तय प्रक्रिया के अनुसार अब उद्योगपति विभिन्न भूखंडों को एक साथ जोड़ सकेंगे। इस व्यवस्था से उन उद्योगों को विशेष लाभ पहुंचेगा, जिन्हें अपने व्यापार विस्तार के लिए बड़े भूखंड की आवश्यकता होती है। इससे अलग-अलग भूखंडों पर चल रही औद्योगिक गतिविधियों को एक ही परिसर में व्यवस्थित रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही नए नियमों के तहत औद्योगिक भूखंडों के उप-विभाजन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे आवश्यकतानुसार जमीन का उपयोग व्यवस्थित करने का रास्ता खुलेगा।
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अतिरिक्त भूमि और गतिविधियों की अनुमति
सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के पास मौजूद अतिरिक्त भूमि के उपयोग को लेकर भी नए नियम बनाए हैं। इसका मकसद औद्योगिक परिसरों में बिना उपयोग के पड़ी खाली जमीन का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। इसके अलावा भूमि प्रबंधन नियमों में अनुमति प्राप्त गतिविधियों से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में नई व्यवस्था की गई है। उद्योगपति अब अपनी आवश्यकता के अनुसार जरूरी सुविधाएं विकसित कर सकेंगे, हालांकि इसके लिए उन्हें निर्धारित नियमों और विभाग की अनुमति का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।